राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अगर आप भी खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खाटू श्याम मंदिर बर्बरीक को समर्पित है, जिन्हें कलयुग में श्याम के रूप में पूजा जाता था। यह मंदिर अपनी लोकप्रियता के लिए जाना जाता है, जहाँ प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं।
खाटू श्याम मंदिर से लगभग 1 किमी दूर स्थित श्याम कुंड में स्नान अवश्य करें। धार्मिक मान्यता है कि श्याम कुंड में स्नान किए बिना खाटू श्याम की यात्रा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में इस कुंड में स्नान अवश्य करना चाहिए। खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए एकादशी, शनिवार और बुधवार शुभ माने जाते हैं। फाल्गुन का लक्खी मेला और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी (बाबा श्याम का जन्मदिन) बाबा के दर्शन के लिए विशेष अवसर हैं। खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए एकादशी, शनिवार और बुधवार शुभ दिन माने जाते हैं। फाल्गुन का लक्खी मेला और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी (बाबा श्याम का जन्मदिन) बाबा के दर्शन के लिए विशेष अवसर हैं।
आप खाटू श्याम बाबा की मूर्ति पर काँटेदार गुलाब या मुरझाए हुए फूल न चढ़ाएँ। खाटू श्याम मंदिर जाते समय भक्तों को शालीन वस्त्र धारण करने चाहिए और मंदिर के अंदर तस्वीरें नहीं लेनी चाहिए। खाटू श्याम मंदिर में फूल और दूध चढ़ाने के भी कुछ नियम हैं, इसलिए भक्तों को चढ़ाने से पहले मंदिर के पुजारियों से पूछ लेना चाहिए। यदि आप खाटू श्याम मंदिर जा रहे हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप बाबा को इत्र चढ़ाना न भूलें। खाटू श्याम जी को इत्र बहुत प्रिय है, इसलिए बाबा को इत्र अवश्य चढ़ाएँ और लौटते समय इत्र अपने साथ ले जाएँ।


