महापंडित और महाज्ञानी रावण ने भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए उसने शिव ताण्डव स्त्रोत की रचना करके अनेक सिद्धियां प्राप्त की थीं। रावण रचित शिव स्त्रोत का नियमित रूप से पाठ करने वाला भगवान शिव की विशेष कृपा का पात्र होता है। साथ ही जातक का जीवन सुख-संपत्ति और धन-धान्य से पूर्ण होता है।
बता दें कि सायंकाल में भगवान शिव प्रसन्न होकर भगवती त्रिपुर सुन्दरी को रत्न सिंहासन पर बैठाकर तांडव नृत्य करते थे, उसी समय की स्थिति का वर्णन शिव तांडव स्त्रोत में किया गया है।
दशानन रावण ने शिव तांडव स्त्रोत से भगवान शिव को प्रसन्न किया था और भोलेनाथ की कृपा से शत्रु नाश और युद्ध में विजय प्राप्त कर अचल संपदा का स्वामी बन गया था। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको शिव तांडव स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसे में आप भी नियमित इस स्त्रोत का जाप करके भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।


