Total Users- 1,172,793

spot_img

Total Users- 1,172,793

Monday, March 16, 2026
spot_img

शिवलिंग का इन फूलों से विधि विधान से करें पूजा, होती है मनोकामना पूर्ति

सावन में भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस साल सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। सावन का महीना 9 अगस्त तक चलेगा। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेगें, जिसमें भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक आदि किया जाता है। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न चीजें, बेलपत्र, फूल धतूरा, चावल, चीनी आदि शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। शिवमहापुराण में भगवान शिव की विभिन्न पुष्पों से पूजा करने की विधि बताई हुई है। शिवमहापुराण के चौदहवें अध्याय में लिखा है कि ऐसे कौन से फूल हैं, जिन्हें अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। आपको बता दें कि शिवमहापुराण में भगवान शिव और देवी पार्वती के जीवन के विभिन्न पहलुओं, उनके कल्याणकारी स्वरूप, रहस्य, महिमा का वर्णन किया गया है।

किन पुष्पों को शिवलिंग को चढ़ाने से मिलेगी मां लक्ष्मी
शिवमहापुराण में ब्रह्मा जी ने बताया है कि अगर आपको मां लक्ष्मी जी को पाना है तो आप शिवलिंग पर कमल के फूल, बेल पत्र, शंखपुष्प अर्पित कर भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और आपको धन मिलता है। जूही के फूलों से पूजा करने से घर में धनसंपदा बढ़ती है। अन्न के भंडारे भरे रहते हैं। हरसिंगार के फूलों से सुख संपत्ति मिलती है। धन के अलावा अगर आपकी कोई विशेष कामना है , तो आपको उसके अनुसार चीजें शिवलिंग पर अर्पित कर शिवपूजन करना चाहिए। जो लोग मोक्ष की कामना करते हैं, उन लोगों को एक लाख दुर्वा से भगवान शिव का पूजा करना चाहिए। अगर संतान की कामना है तो एक लाख धूतरे के फूलों से भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। यश की कामना है, तो आपको एक लाख अगस्त्य के फूलों से पूजा करना चाहिए। अड़हुल के फूलों से शिवजी की पूजा करेंगे, तो शत्रुओं का नाश होगा। करवीर के फूलों से पूजा करने से सभी रोग खत्म हो जाते हैं। चमेली के फूलों से भगवान शिव का पूजान करने से भगवान वाहन और अलसी के फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से विष्णु जी भी प्रसन्न होते हैं। बेलों के फूलों से अर्घ्य देने से जीवनसाथी अच्छा मिलता है।

कनेर के फूलों से पूजा करने से वस्त्र और शेफालिका के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने से मन निर्मल होता है। राई के एक लाख फूलों से भगवान शिव का पूजन करने से शत्रु का नाश होता है। चंपा और केवड़े के फूल को भगवान शिव की पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

More Topics

महतारी वंदन योजना से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

महिलाएं अपनी छोटी मोटी जरूरतों को कर रही पूरीरायपुर।...

IMD Weather Alert: बढ़ती गर्मी के बीच दिल्ली में अचानक बारिश क्यों हो रही है?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में 50...

डाइटिंग का मतलब डाइट को बैलेंस करना, भूखा रहना नहीं

डाइटिंग करते समय लोग कम से कम खाना खाने...

इसे भी पढ़े