शक्ति और ज्ञान के प्रतीक श्री राम भक्त हनुमान जी की पूजा पूरे भारत में बेहद श्रद्धा के साथ की जाती है। माना जाता है कि कलियुग में हनुमान जी ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में पृथ्वी पर देह सहित मौजूद हैं। यही वजह है कि हनुमान मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। माना जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से भक्त के सभी कष्ट और संकट दूर हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, भारत में एक ऐसा गांव है, जहां हनुमान जी की पूजा करना वर्जित माना गया है। इस गांव के लोग किसी भी भगवान की पूजा नहीं करते हैं। यहां भगवान की जगह निम्बा नाम के एक दैत्य की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इसके पीछे की रोचक कहानी और क्या है यहां पहुंचने का सही तरीका।
कहां है यह अनोखा गांव
महाराष्ट्र के अहमदनगर में किसी भी भगवान की पूजा नहीं की जाती है। यहां हनुमान पूजा तो खासतौर पर वर्जित मानी गई है। इस गांव में रहने वाले लोग ना तो हनुमान जी का नाम मारूति लेना पसंद नहीं करते है और ना ही इस गांव में कोई मारूति कार प्रवेश तक कर सकती है। इतना ही नहीं यहां के लोग अपनी बेटियों की शादी भी ऐसे गांव में नहीं करते जहां हनुमान की पूजा होती है। इसके अलावा गांव में हनुमान जी से जुड़ा ना तो कोई त्योहार मनाया जाता है और ना ही हनुमान जी के नाम पर किसी बच्चे का नामकरण होता है।
कौन है इस गांव का कुलदेवता
महाराष्ट्र के दैत्य नांदुर गांव में किसी देवता की नहीं, बल्कि एक दैत्य की पूजा की जाती है। जिसका नाम दैत्य निम्बा है और इस टोले का कुलदेवता माना जाता है। इस गांव की परंपरा है कि अगर कोई निंबा दैत्य की पूजा ना करके हनुमान जी की पूजा करता है तो उसे कड़ी सजा दी जाती है। यहां के लोग अपना हर शुभ काम दैत्य की पूजा के साथ ही करते है।
क्या है इस दैत्य से जुड़ी रोचक कहानी
पौराणिक कथाओं के अनुसार दैत्य निम्बा एक महादानव और भगवान राम का बहुत बड़ा भक्त था। एक समय की बात है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ इस क्षेत्र के केदारेश्वर मंदिर के भ्रमण के लिए आए हुए थे। जब इस बात की जानकारी दैत्य निम्बा को मिली तो उसने तुरंत भगवान राम से मिलने का फैसला कर लिया। लेकिन ऐसा करते समय उसे भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी से जलन होने लगी और उसने हनुमान जी से लड़ना शुरू कर दिया। दोनों के बीच लड़ाई बड़ी हो गई, जिसका हल निकालने के लिए खुद राम जी को आना पड़ा। अपने लिए दैत्य निम्बा की भक्ति और समर्पण की भावना को देखते हुए भगवान राम जी ने उसे उस क्षेत्र का रक्षक बनने का आशीर्वाद दिया। उस दिन से ही इस गांव में रहने वाले लोग इस दैत्य की पूजा कर रहे हैं। इस गांव के लोग हनुमान जी की पूजा इसलिए नहीं करते क्योंकि दैत्य निम्बा को वो कभी पसंद नहीं थे। हनुमान जी को इस गांव में रहने वाले लोग एक खलनायक के रूप में देखते हैं।
कैसे पहुंचे दैत्य नांदुर गांव
महाराष्ट्र का यह गांव अहमदनगर जिले के पारनेर में स्थित है। मुबंई से यहां की यात्रा लगभग 5 घंटे की है। अगर आप रेल यात्रा करके इस गांव में पहुंच रहे हैं तो सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अहमदनगर स्टेशन है। अहमदनगर पारनेर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है।


