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Monday, March 16, 2026
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भारत के कुछ ऐसे मंदिर जहां कालसर्प दोष से पितृ श्राप तक हर दुख से मुक्ति

भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए लोग शिवालयों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। जहां पर शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने के साथ ही नाग देवता पर भी दूध चढ़ाते हैं। माना जाता है कि जो भी भक्त भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करता है, उसके हर दुख दूर होते हैं और हर तरह के दोषों से मुक्ति भी मिलती है। वहीं कुछ मंदिरों की अपनी एक मान्यता होती है, जहां पर जाने से आपके जीवन की कई चीजें बदल सकती हैं। भारत के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको बेहद शक्तिशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिरों के दर्शन करने से बीमारी से लेकर दोषों तक का अंत होता है।

मन्नारसाला श्री नागराजा मंदिर, केरल
केरल के हरिपाड में स्थित जंगलों से घिरा मन्नारसाला श्री नागराजा मंदिर भारत के कुछ सबसे अधिक पूजे जाने वाले मंदिरों में शुमार है। इस मंदिर की खासियत यह है कि मंदिर में पूजा की जिम्मेदारी महिला पुजारी निभाती हैं। यह मंदिर सांपों के राजा को समर्पित है। यहां पर 30 हजार से अधिक नागों की मूर्तियां स्थापित हैं। सावन के महीने में यहां का माहौल एकदम हरियाली और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पर पूजा-अर्चना करने संतान संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं और परिवार की पीढ़ियां सुरक्षित करती हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
महाकालेश्वर मंदिर के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन इसकी तीसरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। जोकि उज्जैन के फेमस मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर साल में बस एक बार यानी की नागपंचमी के दिन खुलता है। फिर 24 घंटे के बाद बंद भी हो जाता है। यहां पर भगवान शिव, मां पार्वती और उनके ऊपर फन फैलाए बैठे नाग देवता की मूर्ति मिलती है। सावन के महीने में यहां पर दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात होती है।

नाग वासुकी, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के दारागंज में गंगा नदी के किनारे नाग वासुकी मंदिर मौजूद है। यह मंदिर नागों के राजा वासुकी को समर्पित होता है। कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों के लिए यह मंदिर काफी खास है। सावन और नाग पंचमी के मौके पर काफी संख्या में भक्त यहां पर पहुंचते हैं। नाग वासुकी मंदिर का मुख त्रिवेणी संगम की ओर है, जिसके कारण इसकी पवित्रता और महत्ता अधिक बढ़ जाती है।

नाग मंदिर, जम्मू कश्मीर
पटनीटॉप की हरी-भरी और खूबसूरत पहाड़ियों के बीच नाग मंदिर बेहद शांत और प्राचीन स्थल है। यह मंदिर करीब 600 साल पुराना है और नाग देवता को समर्पित है। सावन और नागपंचमी के मौके पर यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा काफी बढ़ जाती है। इस दौरान यहां पर पूजा और मंत्रोच्चार होती है और भक्त खुद को गहराई से जोड़ पाते हैं।

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