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Monday, March 16, 2026
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भगवान गणेश जी को दूर्वा घास क्यों चढ़ाई जाती है?

गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जो इस साल 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। फिर 10वें दिन बप्पा का विसर्जन कर दिया जाता है। गणेश जी की पूजा के दौरान भक्त उन्हें कई चीजें अर्पित करते हैं, जिनमें दूर्वा घास का विशेष महत्व है। कहते हैं कि इसके बिना बप्पा की पूजा अधूरी मानी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गणेश जी को दूर्वा घास क्यों चढ़ाई जाती है? आइए इस लेख में आपको बताते हैं।

जानिए इसका महत्व गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाई जाती है गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाई जाती है, इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। इस कथा के अनुसार, एक बार गणेश जी ने अनलासुर नामक राक्षस को निगल लिया था, जिसके कारण उनके पेट में जलन होने लगी थी। कई उपाय करने के बाद भी जब उनके पेट की जलन कम नहीं हुई, तो ऋषि कश्यप ने गणेश जी को दूर्वा खाने के लिए दी। कहा जाता है कि दूर्वा खाने से गणेश जी के पेट की जलन शांत हो गई। इसीलिए गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने की परंपरा है।

भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने से क्या होता है? गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने के कई लाभ हैं। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं, विघ्नों का निवारण करते हैं, मानसिक शांति प्रदान करते हैं, आर्थिक समस्याओं से मुक्ति दिलाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, दूर्वा अर्पित करने से स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। दूर्वा की 21 गांठें बनाकर गणेश जी को अर्पित करनी चाहिए। इसके अलावा, हिंदू धर्म में दूर्वा को शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जिसे गणेश जी को अर्पित करने से जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।

धार्मिक महत्व:– दूर्वा को पवित्र माना जाता है और गणेश जी की पूजा में इसका विशेष महत्व है।

सुख-समृद्धि:- ऐसा माना जाता है कि दूर्वा अर्पित करने से सुख, समृद्धि और कल्याण की प्राप्ति होती है।

बुद्धि और ज्ञान:- गणेश जी को बुद्धि और ज्ञान का देवता माना जाता है और दूर्वा अर्पित करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है।

विघ्नहर्ता:- गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है और दूर्वा चढ़ाने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं।

गणेश जी को दूर्वा कैसे चढ़ाएँ?

गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते समय, दूर्वा के 11 जोड़े यानी 22 दूर्वा का एक गुच्छा बनाएँ। फिर इसे साफ़ पानी से धोकर गणेश जी के चरणों में अर्पित करें। गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते समय ‘श्री गणेशाय नमः दुर्वांकुरं समर्पयामि’ मंत्र का जाप करें। दूर्वा को गणेश जी के कान के पास या माथे पर रखना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

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