भगवान गणेश प्रथम पूज्य देवता है, जिन्हें सभी शुभ मांगलिक कार्यों से पहले पूजा जाता है। मान्यता है कि प्रभु के आशीर्वाद से कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं और उसके सफल होने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। शास्त्रों में गणपति जी को बुद्धि के देवता माना गया है। उनकी कृपा से जातकों को सद्बुद्धि, सफल व्यापार और करियर में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। हालांकि, गणेश जी की असीम कृपा प्राप्ति के लिए भादों माह को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
दरअसल, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर ‘गणेश चतुर्थी’ मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में मनाया जाता है। इस खास अवसर पर भक्तजन अपने घरों, मंदिरों और पूजा-पंडालों में गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना करते हैं। इस दौरान वह दस दिनों तक भव्य तरीके से गणेश पूजन करते हैं और भजन-कीर्तन व भक्ती गीत गाकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। इस साल 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी है। इस दिन गणेश पूजन से लेकर स्थापना की संपूर्ण सामग्री क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं।
गणेश चतुर्थी 2025:
पंचांग के मुताबिक इस बार चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर होगा। तिथि का समापन 27 अगस्त की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगा। उदया तिथि के मुताबिक गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दिन बुधवार है, जो भगवान गणेश की पूजा को समर्पित है। इसके अलावा 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति के विसर्जन के साथ इस पर्व का समापन किया जाएगा।
गणेश चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त:
ज्योतिषियों के मुताबिक गणेश चतुर्थी पर पूजा के लिए सुबह 11 बजकर 5 मिनट से शुभ मुहूर्त शुरू होगा। यह दोपहर 01:40 मिनट तक बना रहेगा।
गणेश पूजन सामग्री लिस्ट:
मौसमी फल, धूप, दीप
गंगाजल, कपूर, जनेऊ
सिंदूर, गणेश मूर्ति, कलश, मोदक
केला, आरती की किताब, सुपारी
चंदन, फूल, अक्षत, पान का पत्ता
लकड़ी की चौकी, केले के पौधे
पीला और लाल रंग का कपड़ा, नए वस्त्र
दूर्वा, नारियल, सुपारी, लाल चंदन, पंचमेवा, मोदक
प्रसाद के लिए कुछ मिठाई भी मंगा लें।


