26 अगस्त को हरतालिका तीज है। हर साल यह त्योहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। हरतालिका तीज पर भगवान शिव व माता पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है और व्रत का विधान है। हरतालिका तीज का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत के पु्ण्य प्रभाव से विवाहित स्त्रियों को सुख-सौभाग्य मिलता है और पति की आयु लंबी होती है। कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। हरतालिका तीज के दिन दान का भी विधान है। मान्यता है कि इस राशि के अनुसार कुछ चीजों का दान करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। जानें हरतालिका तीज पर किन चीजों का दान करना चाहिए।
- मेष राशि वालों को हरतालिका तीज पर मसूर दाल का दान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-धान्य बढ़ता है।
- वृषभ राशि वालों को इस दिन दूध, दही व चावल आदि का दान करना शुभ माना गया है।
- मिथुन राशि वालों को इस दिन हरे रंग की चूड़ियों का दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से भगवान शिव व माता पार्वती की कृपा मिलती है।
- कर्क राशि के जातकों को भगवान शिव व माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए हरतालिका तीज पर चांदी की पायल का दान करना चाहिए।
- सिंह राशि वालों को हरतालिका तीज पर गुड़ व गेहूं का दान उत्तम माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने धन-संपदा में वृद्धि होती है।
- कन्या राशि वालों को इस दिन हरे रंग की साड़ी या हरे रंग की चूड़ियों का दान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव व माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है।
- तुला राशि वालों को हरतालिका तीज पर दूध, दही, खीर व मिठाई का दान करना चाहिए।
- वृश्चिक राशि वालों को हरतालिका तीज पर गरीब व जरूरतमंद लोगों को धन का दान करना चाहिए। इसके अलावा लाल रंग के कपड़े का दान कर सकते हैं।
- धनु राशि वालों के लिए बेसन, चने की दाल व पीले रंग के वस्त्र का दान करना चाहिए।
- मकर राशि वालों को भगवान शिव की कृपा पाने के लिए हरतालिका तीज पर अपनी सामर्थ्यनुसार धन का दान करना चाहिए।
- कुंभ राशि वालों को भगवान शिव की कृपा पाने के लिए अन्न का दान करना चाहिए।
- मीन राशि वालों को भगवान शिव व माता पार्वती की कृपा पाने के लिए केले, मौसमी फल व पीले रंग के वस्त्रों का दान करना चाहिए।
नोट : इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


