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Saturday, February 28, 2026
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जानें क्यों जया एकादशी पर नहीं करना चाहिए इन चीजों का दान

सनातन धर्म में माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से जीवन भर भगवान विष्णु की अपार कृपा मिलती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए माघ महीने की जया एकादशी का व्रत विशेष महत्व रखता है। एकादशी के दिन आमतौर पर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, एकादशी का व्रत करने वालों को दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि इससे भगवान विष्णु की अपार कृपा मिलती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को रखा जाएगा। व्रत 30 जनवरी 2026 को तोड़ा जाएगा।
तो आइए जानते हैं कि जया एकादशी के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

जया एकादशी पर इन चीजों का दान न करें:
लोहा और काली वस्तुएं – शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन लोहा या लोहे से बनी किसी भी वस्तु का दान नहीं करना चाहिए। काले कपड़े और काले तिल का दान करने से भी बचना चाहिए। चूंकि ये चीजें शनि ग्रह से जुड़ी मानी जाती हैं, इसलिए इस दिन इनका दान करने से जीवन में अचानक बाधाएं आ सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा में कमी आ सकती है।
तेल का दान – जया एकादशी के दिन तेल का दान करना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन तेल का दान करने से बच्चों की तरक्की में रुकावट आ सकती है और आर्थिक परेशानियां हो सकती हैं।
नमक का दान या लेन-देन – जया एकादशी के दिन नमक का दान करना मना है। इसके अलावा, इस दिन किसी से नमक लेना या देना भी वर्जित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि नमक का अनुचित लेन-देन संचित पुण्यों का नाश करता है और व्यक्ति अनजाने में पाप का भागीदार बन जाता है।

इन चीजों का दान करने से समृद्धि आएगी:
जया एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्हें पीला रंग बहुत पसंद है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए पीले कपड़े, केसर, चना दाल, हल्दी और गुड़ का दान करें। इससे कुंडली में बृहस्पति (गुरु) ग्रह मजबूत होता है। इसके अलावा, इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को मौसमी फल और अनाज का दान करने से अपार पुण्य मिलता है।

जया एकादशी व्रत 2026 शुभ मुहूर्त:
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जनवरी 2026 को शाम 4:35 बजे शुरू होगी। यह तिथि 29 जनवरी 2026 को दोपहर 1:55 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि (सूर्योदय का समय) के अनुसार, इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को रखा जाएगा। व्रत का पारण 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा। व्रत तोड़ने का शुभ मुहूर्त सुबह 7:23 बजे से 9:39 बजे के बीच रहेगा। इस समय एकादशी का व्रत तोड़ने से बहुत फायदा होगा।

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