गहमागहमी और बहसों का माहौल
- साइबरक्राइम और PMAY पेमेंट्स पर उठे सवाल
BJP विधायकों ने गृह मंत्री विजय शर्मा से साइबर अपराध मामलों में देरी और पीएम आवास योजना की रकम के ऑडिट को लेकर तीखा सवाल पूछा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि लापरवाही के कारण धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आईं, वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट मांगी गई और जवाबदेही की ज़ोरदार मांग की गईं - विधुत दरों में बढ़ोतरी पर विपक्ष का प्रहार
बिजली दरों में 1.89% वृद्धि को ‘जन-विरोधी’ बताया गया। विपक्ष ने तर्क दिया कि इससे लगभग 60 लाख उपभोक्ताओं, खासकर किसानों, पर भार पड़ेगा। CM ने यह जताते हुए इस बढ़ोतरी की रक्षा की कि यह अन्य राज्यों की तुलना में अव्वल है, किसानों को सब्सिडी दी गई है और उद्योग क्षेत्रों को राहत भी मिली है। इसके बाद विपक्ष ने CM के जवाब की सकारात्मक प्रतिक्रिया दी
सीएम कार्यों की विपक्ष द्वारा सराहना का नज़ारा
अप्रत्याशित रूप से नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के जवाब की प्रशंसा की और संसद में “धन्यवाद” तक कहा। यह दुर्लभ दृश्य सकारात्मक राजनीतिक संवाद का प्रतीक माना गया
सत्र की रूपरेखा
- यह सत्र कुल पाँच दिन (14–18 जुलाई) में ऐसा छठा दिन था जिसमें लगभग छह बैठकें आयोजित की गईं।
- विपक्ष ने कई सवाल उठाकर सरकार को चुनौती दी, जिसमें किसानों, अधोसंरचना, पंचायती राज और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे शामिल रहे
समापन और आगे की दृष्टि
- चौथे दिन की चर्चा में सरकार और विपक्ष दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक जवाब दिए और सवाल उठाए।
- बिजली दर वृद्धि, साइबर फ्रॉड और पीएम Housing Scheme जैसे विषयों ने चर्चा की लहज़ा तय किया – जिसमें संवाद का स्वर आशावादी भी रहा।
- विपक्ष की सराहना से साफ हुआ कि सत्र का माहौल वाद‑विवाद के साथ‑साथ रचनात्मक रूप से आगे बढ़ा।
निष्कर्ष
16 जुलाई 2025 को मॉनसून सत्र का चौथा दिन न केवल बहसों और आरोप-प्रत्यारोप का दिन रहा, बल्कि कुछ ऐसे क्षण भी दिखे जब असंतोष के बीच सम्मानजनक सहमति और सकारात्मक संवाद देखने को मिला।
अगर आप किसी विशेष घटना जैसे कि बिजली दर वृद्धि या साइबरक्राइम बहस की विस्तार से जानकारी चाहते हों, तो कृपया बताइए।


