नगर निगम भिलाई द्वारा की जाने वाली महिला संरक्षण कार्यवाही अनियमितताओं के हवाले क्यों है ?
एमआईसी सदस्य मैडम बताईए कांग्रेस की महिला बाल विकास नीति में महिला संरक्षण मुद्दा नहीं है क्या ?
जिला कांग्रेस द्वारा महिलाओं के संरक्षण मामले में की जाने वाली भाषण बाजी की असलियत भी जान लीजिए !
पूरब टाइम्स,भिलाई. किसी कार्यालय में महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाने व उनकी शिकायतों को संज्ञान लेकर , उनकी जांच करने के लिये , उस कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का होना बहुत आवश्यक होता है . यह समिति न केवल महिलाओं की सुरक्षा करने वाली प्रशासनिक व्यवस्था है बल्कि गलत व झूठी शिकायत करने वाली महिलाओं पर लगाम लगाने वाली व्यवस्था भी है लेकिन उस समिति के गठन व परिचालन के लिए भी नियम व कानून बनाए गए हैं जिनका परिपालन उस विभाग के प्रमुख का होता है . कई समाज सेवकों द्वारा इस सुरक्ष व्यवस्था को हर बड़े कार्यालय में सुनिश्चित करवाने की कोशिश की जाती है परंतु उस कार्यालय के उच्च पदस्थ व्यक्ति ही इस आवश्यक कार्य में अड़ंगा डालने लगते हैं . ऐसी ही एक जानकारी नगर निगम भिलाई से प्राप्त हुई है . इस संबंध में पूरब टाइम्स की यह रिपोर्ट ..,
कामकाजी महिलाओं की खस्ताहाल सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार भिलाई की एमआईसी सदस्य की जवाबदेही के रास्ते खुल रहे हैं !
प्रेस को प्राप्त सूचना ज्ञापन अनुसार महिला कर्मियों को उनका अधिकार दिलवाने के लिए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी पूरी करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता निशा देशमुख ने भिलाई निगम क्षेत्र में महिला सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के लिए एक संज्ञान नोटिस निगम आयुक्त को देकर प्रशासकीय उदासीनता का संज्ञान करवाया है . आरोपित किया गया है कि अनियमित कार्याचरण के कारण भिलाई निगम कार्यालय की महिला सुरक्षा व्यवस्था विधि अपेक्षा अनुसार नहीं है । उल्लेखनीय है कि सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार भिलाई शहर सरकार की एमआईसी सदस्य अपनी निर्वाचित जनप्रतनिधि की जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहीं है । जिसके कारण महिलाओं को शिकायत करने हेतु उपलब्ध करवाई जाने वाली अधिनियमित व्यवस्था का अभाव है, जिसे विधिवत प्रश्नांकित करने की स्थिति बनी हुई है ।
बेपरवाह महिला बाल विकास एमआईसी सदस्य आगामी निगम चुनावों में कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करवाना चाहती है क्या ?
भिलाई निगम की शहर सरकार की एमआईसी सदस्य अपने गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार के लिए जनता विशेषकर महिलाओं के बीच आलोचना का विषय बनती जा रहीं है क्योंकि कांग्रेस की एमआईसी सदस्य मैडम ने निगम परिसर के साथ साथ भिलाई निगम क्षेत्र में संचालित किसी भी कार्यस्थल में आंतरिक शिकायत समिति का वैधानिक अस्तित्व कायम करने के लिए जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने की अपनी पदेन जिम्मेदारी पूरी नहीं की है. महिला सुरक्षा के प्रति ऐसी बेपरवाह कांग्रेसी नेत्री से महिलाएं खफा है इसलिए आने वाले निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कामकाजी महिला मतदाताओं का वोट किस आधार पर मिलेगा इस प्रश्न को खड़ा कर दिया है ?
महिला कर्मियों के अधिकारों पर अतिक्रमण करवाने वाला कार्य व्यवहार करने वाले निगम आयुक्त की प्रशासकीय अनियमितताओं को अनदेखा क्यों किया जा रहा है ?
भिलाई निगम का आयुक्त महिलाओं को गरिमापूर्ण कामकाजी वातावरण दिलवाने के लिए जिम्मेदार नियोक्ता है । जिसे आंतरिक शिकायत समिति का गठन करवाने के साथ साथ प्रतिमाह महिला सुरक्षा को व्याहारिक कार्यान्वयन करवाने वाले अभिविन्यास कार्यक्रम करवाने है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है . गौरतलब रहे कि आंतरिक सुरक्षा समिति जैसी व्यवस्था निगम कार्यालय में है क्या ? इसका जवाब और दस्तावेजिक प्रमाण पारदर्शिता के अभाव में प्रश्नांकित स्थिति में है और इस ज्वलंत मामले में भिलाई निगम की महिला बाल विकास एमआईसी सदस्य की चुप्पी स्पष्ट करती है कि इस मामले में कांग्रेस की भूमिका क्या है ?
निगम कार्यालय में महिला संरक्षण संबंधित शिकायत देने के लिए जाने पर एमआईसी सदस्य से संपर्क करने की व्यवस्था नहीं है और जब एमआईसी सदस्य से संपर्क किया जाता है तो व्यथिता को शिकायत आवेदन देने के लिए एमआईसी सदस्य के घर जाना पड़ता है , इसी चिंताजनक स्थिति के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करवाने की पहल कर रहीं हूँ .
निशा देशमुख सामाजिक कार्यकर्ता
महिला कार्मिया की सुरक्षा उनके कार्यस्थल पर करवाने वाले नियम कानून के विधि निर्देशों को भिलाई निगम में महत्व नहीं दिया जा रहा है इसलिए इस गंभीर विषय पर संज्ञान करवाने का आवेदन हमारे द्वारा दिया गया है ।
अमोल मालुसरे सामाजिक कार्यकर्ता


