दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग शहर को और स्वच्छ तथा प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्लास्टिक कन्फेटी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जा रहा है। महापौर अलका बाघमार और आयुक्त सुमित अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश देते हुए बताया कि प्लास्टिक कन्फेटी शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसी कारण इसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
निगम प्रशासन जल्द ही इस प्रस्ताव को एमआईसी बैठक में प्रस्तुत करेगा। प्रस्ताव लागू होते ही बारात, शोभायात्रा, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में प्लास्टिक कन्फेटी का उपयोग, बिक्री और भंडारण पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा। नियम तोड़ने पर पांच हजार से बीस हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा और कन्फेटी उड़ाने वाली मशीन या उपकरण जब्त किए जा सकेंगे।
क्यों लगाया जाएगा प्रतिबंध
स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए निरीक्षणों में पाया गया कि कन्फेटी पूरी तरह सिंगल-यूज प्लास्टिक से बनती है। इसके छोटे-छोटे चमकीले टुकड़े हवा में उड़कर दूर-दूर तक फैल जाते हैं, जिन्हें साफ करना बेहद कठिन होता है। ये कण नालियों और सीवरेज में अवरोध पैदा करते हैं, जिससे जल-जमाव की स्थिति बन जाती है।
इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक कचरे की बढ़ोतरी शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसी के मद्देनज़र नगर निगम इसे पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है।
कैसे लागू होगा प्रतिबंध
निगम प्रशासन एक महीने में जुर्माना, जब्ती और कार्रवाई से जुड़े सभी नियमों को अंतिम रूप देगा। इसके बाद जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों, बैंड पार्टियों, डीजे समूहों और इवेंट कंपनियों को नीति की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे नियमों का पालन कर सकें।
उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोबारा नियम तोड़ने पर बड़े दंड तय किए जा रहे हैं।
इवेंट कंपनियों को चेतावनी
नगर निगम ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि प्लास्टिक कन्फेटी रखना, उपयोग करना या बेचना दंडनीय होगा। किसी भी कार्यक्रम में इसका उपयोग पाया गया तो आयोजनकर्ता और संबंधित समूहों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
निगम का लक्ष्य
नगर निगम का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाना है। महापौर और आयुक्त ने कहा है कि कन्फेटी पर प्रतिबंध स्वच्छ दुर्ग अभियान को नई दिशा देगा और सफाई व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ कम होगा।


