बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दिव्यांग पैरा तीरंदाज तोमन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी किया दमदार प्रदर्शन
बिलासपुर के राज्य प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे तोमन कुमार ने 7वीं एनटीपीसी पैरा राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। पंजाब के एनएसआईएस पटियाला में 30 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक और टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
टीम स्पर्धा में उन्होंने अमित कीर्तनिया के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की। तोमन पिछले दो वर्षों से बिलासपुर आर्चरी एकेडमी में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं और छत्तीसगढ़ पैरा तीरंदाजी टीम के मुख्य प्रशिक्षक मनमोहन पटेल के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। उनकी सफलता में प्रशिक्षक पंकज सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
आईईडी ब्लास्ट में गंवाया पैर, नहीं टूटा हौसला
अहिबरन नवागांव निवासी तोमन कुमार सीआरपीएफ में जवान रह चुके हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट में उन्होंने अपना बायां पैर खो दिया था। इस कठिन हादसे के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल को अपना संबल बनाया। पैरा तीरंदाजी के माध्यम से उन्होंने नई पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
तोमन कुमार का सपना पैरा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। उनकी इस उपलब्धि से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है।


