Total Users- 1,170,548

spot_img

Total Users- 1,170,548

Friday, March 13, 2026
spot_img

अब भारत में दिखी ये ‘शापित’ मछली, क्या होने वाली है अनहोनी? इंटरनेट पर छिड़ी बहस

तमिलनाडु में एक बेहद दुर्लभ मछली ओरफिश के दिखने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कहते हैं कि यह मछली तभी सतह पर आती है, जब कोई आपदा निकट होती है. जानिए इस मछली के बारे में वो सबकुछ, जो आप जानना चाहते हैं.

हाल ही में तमिलनाडु के मछुआरों की जाल में एक बेहद दुर्लभ ओरफिश (Oarfish) मछली फंसी, जिसने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचा दी है. चांदी के रंग और रिबन जैसी दिखने वाली यह मछली लगभग 30 फीट तक बढ़ सकती है. इसके सिर पर लाल रंग का एक खास फिन होता है. आमतौर पर यह मछली समुद्र की गहराई में पाई जाती है. लेकिन सतह पर इसकी उपस्थिति ने जिज्ञासा और चिंता दोनों बढ़ा दी है, क्योंकि कई लोग इसे प्राकृतिक आपदाओं का संकेत मानते हैं.

ओरफिश या रिबनफिश को Doomsday Fish भी कहते हैं. जापान और फिलीपींस में ऐसी मान्यता है कि यह मछली तभी सतह पर आती है, जब कोई आपदा निकट होती है. इस मछली का दिखना यानि भूकंप या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं का संकेत हो सकता है. जापानी लोककथाओं में इसे ‘भूकंप का अग्रदूत’ कहा जाता है. इसी कारण ओरफिश को ‘प्रलय की मछली’ नाम मिला है.

कुछ ऐतिहासिक घटनाओं में इस मछली और बड़ी आपदाओं के बीच एक अजीबोगरीब संबंध देखा गया है. 2011 में जब जापान में विनाशकारी भूकंप और सुनामी आया था, तो उससे पहले दर्जनों ओरफिश देखी गई थीं. 2017 में फिलीपींस में आए भूकंप से पहले भी दो ओरफिश देखी गई थी. इसी तरह मेक्सिको में भी ओरफिश दिखने के बाद एक बड़ा भूकंप आया था. इन घटनाओं ने लोककथाओं को और बल दिया है.

हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत को सिरे से खारिज कर दिया है. 2019 में बुलेटिन ऑफ सिसमोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका में पब्लिश एक स्टडी में पाया गया ओरफिश की मौजूदगी और भूकंप के बीच कोई संबंध नहीं है.

More Topics

बिहार भर्ती बोर्ड की गंभीर लापरवाही ,एडमिट कार्ड पर पर कुत्ते की फोटो

बिहार के रोहतास में भर्ती परीक्षा प्रणाली की गंभीर...

साझी मेहनत, साझा समृद्धि — ‘बिहान’ से बदल रहा ग्रामीण महिला जीवन

धमतरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़...

धामी सरकार ने हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिए 1000 करोड़ किये आवंटित

आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के धार्मिक...

इसे भी पढ़े