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Tuesday, March 3, 2026
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नई नौकरी तो दूर, लगी लगाई नौकरियां छीनने में लगी है साय सरकार

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर युवा विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले 9 महीने की सरकार के दौरान अनियमित कर्मचारी, विद्यामितान, दैनिक वेतन भोगी सहित अनेकों विभागों में कर्मचारियों को लगातार नौकरी से निकाला जा रहा है। अनियमित कर्मचारियों के वेतन रोक दिए गए हैं और अब डी एड, बी एड के आधार पर 3000 से अधिक शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारी है। पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा नियुक्त हजारों शिक्षकों का पक्ष भाजपा सरकार ने उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के समक्ष सही तरीके से नहीं रखा, जिसके परिणाम स्वरूप शिक्षकों के हित के विपरीत निर्णय आए हैं।

भाजपा सरकार के पूर्वाग्रह और दुर्भावना के चलते ही हजारों युवा शिक्षकों के समक्ष जीवन यापन की समस्या उत्पन्न हो गई है। निजी स्वार्थ के लिए न्यायालय के निर्णय को पलटने, बार-बार अध्यादेश लाने वाली भाजपा की सरकारें युवाओं के हित में कोई निर्णय लेने में मौन क्यों हैं? कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि प्रभावित युवाओं को विभागीय डी. एड. प्रशिक्षण की व्यवस्था करवाए और उनकी नियुक्ति बरकरार रखने का समुचित प्रबंध करें।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 100 दिन में अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करके सरकार में आई भाजपा अब छत्तीसगढ़ के युवाओं से किस बात का बदला ले रही है? पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय प्रत्येक सरकारी विभाग में नियमित पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की गई 147000 से अधिक शिक्षा कर्मियों को शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया 14780 और फिर 12500 नियमित पदों पर शिक्षकों की भर्ती की गई।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में भी हजारों नए शिक्षकों की भर्ती हुई थी जिनका वेतन भाजपा सरकार आने के बाद रोक दिया गया है। उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, सिंचाई विभाग सहित लगभग सभी विभागों में बड़ी संख्या में भर्ती की गई थी। लगभग 45000 से अधिक नियमित पदों पर जो भर्ती पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान प्रक्रियाधीन थी, छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद दुर्भावनापूर्वक उस प्रक्रिया को भी रोक दिया गया है और अब तीन हजार से अधिक शिक्षकों की बर्खास्तगी का फैसला भारतीय जनता पार्टी के युवा विरोधी षड़यंत्र का प्रमाण है।

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