उन्नत कृषि प्रशिक्षण के लिए युवाओं ने जताई विशेष रुचि
पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले में जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी द्वारा 134 पुनर्वासित युवाओं के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक, कृषि एवं पर्यटन भ्रमण का आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में हितग्राहियों द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों से संबंधित व्यावहारिक भ्रमण की मांग की गई थी। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा यह भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भ्रमण के माध्यम से युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ तथा आजीविका के नए अवसरों की जानकारी मिली।
जैविक खेती की उन्नत तकनीकों से हुए परिचित
लाइवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षकों की उपस्थिति में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं भूमगादी जैविक क्लस्टर के समन्वयकों द्वारा पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कम लागत में अधिक उत्पादन, रासायनिक उर्वरकों के बिना खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैविक उत्पादों के विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं।
पर्यटन भ्रमण से मिले रोजगार के नए आयाम
कृषि प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं, होम-स्टे संचालन, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों की जानकारी दी गई, जिससे युवाओं में पर्यटन आधारित स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ी।
आवासीय प्रशिक्षण की उठी मांग
भ्रमण से उत्साहित पुनर्वासित युवाओं ने लाइवलीहुड कॉलेज प्रशासन से दो से तीन दिवसीय विशेष आवासीय कृषि प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग की। युवाओं का कहना था कि ऐसे गहन प्रशिक्षण से वे अपने गांवों में उन्नत जैविक खेती अपनाकर स्थायी आजीविका विकसित कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। जिला प्रशासन ने इस सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया है।


