छत्तीसगढ़। बालोद जिले में धान खरीदी और संग्रहण व्यवस्था में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसके कारण राज्य सरकार को करीब 9 करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) की जाँच में धोबनपुरी और जगतरा संग्रहण केंद्रों में वर्ष 2024-25 के दौरान भंडारित धान में 43 हजार 235 क्विंटल धान की कमी पाई गई है।
इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए, डीएमओ टिकेंद्र राठौर ने दोनों संग्रहण केंद्र प्रभारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
🚓 दो केंद्र प्रभारियों पर अपराध पंजीबद्ध
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों केंद्र प्रभारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
| संग्रहण केंद्र | प्रभारी का नाम | धान शॉर्टेज (क्विंटल) | अनुमानित मूल्य |
| जगतरा | राणा रन्ती देव सिंह वर्मा | 24,210.75 | ₹5 करोड़ 59 लाख 10 हजार 198 |
| धोबनपुरी | व्यासनारायण ठाकुर | 19,014 | ₹4 करोड़ 38 लाख 14 हजार 638 |
| कुल योग | 43,235 (लगभग) | ₹9 करोड़ 97 लाख 24 हजार 836 |
📉 जगतरा केंद्र पर ₹5.59 करोड़ की हेराफेरी
बालोद थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम जगतरा धान संग्रहण केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक निरीक्षण में 24 हजार 210 क्विंटल 75 किलो धान की कमी पाई गई। डीएमओ राठौर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि केंद्र प्रभारी राणा रन्ती देव सिंह वर्मा ने इतने बड़े मात्रा में धान की हेराफेरी कर शासन को ₹5 करोड़ 59 लाख से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
जाँच में पता चला कि:
- संग्रहण केंद्र में कुल 9,15,939 क्विंटल धान भंडारित था।
- मिलों को 8,91,728 क्विंटल धान प्रदाय किया गया।
- शेष 24,210 क्विंटल 75 किलो धान केंद्र में पाया जाना था, लेकिन इसकी कमी पाई गई।
⚠️ धोबनपुरी में 19,014 क्विंटल धान शॉर्टेज
गुरुर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम धोबनपुरी धान संग्रहण केंद्र में जाँच के दौरान 19 हजार 14 क्विंटल धान की मात्रा कम पाई गई, जिसका कुल मूल्य ₹4 करोड़ 38 लाख 14 हजार 638 रुपये है।
डीएमओ ने बताया कि यह कमी शासन द्वारा निर्धारित सूखत (Drying Loss) से कहीं अधिक है, और इसके लिए संग्रहण केंद्र प्रभारी व्यासनारायण ठाकुर जिम्मेदार हैं, जिन पर हेराफेरी कर शासन को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।


