केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक स्थिर भारत, एक स्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से, केंद्र एक रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है जो नवाचार को प्रोत्साहित करता है, उद्योग को समर्थन देता है और बाहरी निर्भरता को कम करता है। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘चाणक्य रक्षा संवाद’ को संबोधित किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भारत शक्ति, सुरक्षा और विकास के पथ पर आगे बढ़ता है, तो विश्व को अनेक प्रकार से लाभ होता है। एक स्थिर भारत, एक स्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। भारत का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, अनेक देशों के लिए समावेशी, पारदर्शी और सुरक्षित शासन का एक आदर्श प्रस्तुत करता है।
उभरती प्रौद्योगिकियों, चाहे वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता हो, साइबर हो या अंतरिक्ष, के प्रति भारत का नैतिक दृष्टिकोण, ऐसे मानक स्थापित करता है जिनकी ओर अन्य देश भी ध्यान देते हैं, शांति, जलवायु उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को बल प्रदान करता है, और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नैतिक बल प्रदान करता है।
इस प्रकार, मित्रों, एक सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत अलग-थलग नहीं रहता; बल्कि वह भलाई की एक शक्ति बन जाता है, एक ऐसा राष्ट्र जो वैश्विक शांति और मानव कल्याण को सुदृढ़ करता है।


