डोंगरगढ़ (Dongargarh) छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगाँव ज़िले में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण पूरे भारत में विख्यात है। यह स्थल धार्मिक सद्भाव का एक अनूठा केंद्र है, जहाँ हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।
डोंगरगढ़ के प्रमुख धार्मिक आकर्षण
1. माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर (Maa Bamleshwari Mandir)
डोंगरगढ़ की सबसे बड़ी पहचान माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर है। यह शक्तिपीठ लगभग 2200 वर्ष पुराना माना जाता है और इसे राजा वीरसेन की कुल देवी कहा जाता था।
- स्थान और स्वरूप: यह मंदिर लगभग 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। माँ बम्लेश्वरी को माँ दुर्गा का स्वरूप (माँ बगलामुखी) माना जाता है।
- छोटी बम्लेश्वरी: पहाड़ी के समीप ही छोटी बम्लेश्वरी मंदिर भी स्थित है, जहाँ भक्त दर्शन के लिए जाते हैं।
- विशेष अवसर: चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहाँ विराट मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
- सुविधा: पहाड़ी पर मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के अलावा रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।
2. चंद्रगिरि जैन धार्मिक स्थल
डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन धार्मिक स्थल स्थित है, जो जैन समुदाय के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह स्थल यहाँ के बहुधार्मिक स्वरूप को दर्शाता है।
3. प्रज्ञागिरि बौद्ध धार्मिक स्थल
यहाँ प्रज्ञा मेत्ता संघ द्वारा निर्मित प्रज्ञागिरि बौद्ध धार्मिक स्थल भी मौजूद है। इस स्थल पर प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जो इसे वैश्विक पहचान दिलाता है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- प्राकृतिक सौंदर्य: डोंगरगढ़ हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखने लायक होता है।
- कैसे पहुंचें:
- रेल मार्ग: डोंगरगढ़ मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक रेलवे जंक्शन है।
- वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा रायपुर (लगभग 100 कि.मी.) है।
- इतिहास: प्राचीन समय में डोंगरगढ़ को कामाख्या नगरी के नाम से जाना जाता था, जिसका इतिहास मध्य प्रदेश के उज्जैन से भी जुड़ा हुआ है।
डोंगरगढ़ की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का होता है, जब मौसम सुहावना रहता है।


