नीम: भारतीय चिकित्सा का ‘चमत्कारी वृक्ष’
नीम (Neem) को आयुर्वेद में प्राकृतिक एंटीबायोटिक और ‘कल्प वृक्ष’ माना जाता है। इसके पत्तों, तेल और छाल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए वरदान बनाते हैं।
नीम के 7 सबसे बड़े फायदे (Neem Benefits)
- इम्यूनिटी मजबूत करे: खाली पेट नीम की पत्तियां चबाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है और मौसमी बीमारियों का खतरा कम होता है।
- ब्लड प्यूरीफायर: नीम शरीर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) को बाहर निकालकर खून को साफ करता है, जिससे लिवर का कार्य बेहतर होता है।
- त्वचा और मुंहासे: इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासों, दाग-धब्बों, एक्जिमा और सोरायसिस जैसी चर्म रोगों को दूर करने में मदद करते हैं।
- ब्लड शुगर कंट्रोल: नीम की पत्तियां कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है (डायबिटीज के लिए फायदेमंद)।
- ओरल हेल्थ: नीम की दातुन या पत्तियां चबाने से मुंह के बैक्टीरिया मरते हैं, दांत मजबूत होते हैं, और सांसों की दुर्गंध दूर होती है।
- सूजन और दर्द: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं।
- बालों के लिए: नीम का तेल या पेस्ट डैंड्रफ (रूसी), जूं और बालों के झड़ने की समस्या को दूर करने में प्रभावी है।
नीम का सेवन कैसे करें?
- खाली पेट चबाएं: रोजाना सुबह 4 से 5 कोमल नीम की पत्तियां खाली पेट चबाना सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
- नीम गोली/चूर्ण: अगर कड़वा स्वाद पसंद नहीं है, तो पत्तियों को पीसकर छोटी गोली बनाकर पानी के साथ निगल सकते हैं, या नीम चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।


