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Saturday, February 28, 2026
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 सिर्फ गलत खानपान नहीं इस वजह से भी होती है किडनी में पथरी, एक्सपर्ट्स ने बताया

किडनी स्टोन की समस्या सिर्फ खराब खानपान या आदतों से नहीं होती, बल्कि 20-30% मामलों में यह जेनेटिक रूप से भी पीढ़ी दर पीढ़ी जा सकती है. आइए जानते हैं रिसर्च क्या कहती है.

 किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करके उसमें मौजूद टॉक्सिक पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है. यही प्रक्रिया यूरिन बनाती है. किडनी शरीर में मिनरल और तरल पदार्थ का बैलेंस बनाए रखती है ताकि शरीर स्वस्थ तरीके से काम कर सके, लेकिन जब पेशाब में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सालेट या यूरिक एसिड जैसे तत्व अधिक मात्रा में जमा होने लगते हैं तो ये क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं और धीरे-धीरे पत्थरी यानी किडनी स्टोन बनाते हैं. ये स्टोन आकार में छोटे भी हो सकते हैं और कई बार बड़े होकर किडनी या यूरिन नली को ब्लॉक कर सकते हैं. पानी कम पीना, बहुत ज्यादा नमक या प्रोटीन लेना, लाइफस्टाइल की गड़बड़ी और जेनेटिक कारणों से किडनी स्टोन बनने का खतरा और बढ़ जाता है.

किडनी स्टोन शुरू में छोटे होने पर ज़्यादा परेशानी नहीं देते, लेकिन जैसे-जैसे ये बड़े होते जाते हैं, शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. सबसे पहले ये पेशाब के रास्ते को ब्लॉक करते हैं जिससे तेज दर्द और जलन होती है. कई बार पेशाब में खून आने लगता है. अगर स्टोन लंबे समय तक किडनी या यूरेटर में फंसा रहे तो इससे पेशाब रुक सकता है और यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है. लगातार दर्द और रुकावट से किडनी का कामकाज धीरे-धीरे कम हो सकता है. बड़ी स्टोन की स्थिति में किडनी को स्थायी नुकसान होने की संभावना रहती है, जिससे डायलिसिस या सर्जरी तक की नौबत आ सकती है. इसके अलावा, लंबे समय तक किडनी पर दबाव रहने से हाई ब्लड प्रेशर और अन्य हार्ट संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं. इसलिए किडनी स्टोन को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है.

20 से 30 फीसदी लोगों में एक से दूसरी पीढ़ी में क्यों जाती है किडनी स्टोन की समस्या?

किडनी स्टोन केवल खानपान या आदतों से ही नहीं बनते, बल्कि कई बार ये समस्या जेनेटिक रूप से भी आगे बढ़ती है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार लगभग 20 से 30 फीसदी मामलों में किडनी स्टोन की समस्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती हैं. इसका मतलब है कि अगर परिवार में माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों को किडनी स्टोन रहा हो, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा बढ़ जाता है.

सफदरजंग अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग में डॉ. हिमांशु वर्मा बताते हैं कि इसका मुख्य कारण शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रिया है. कुछ लोगों के शरीर में कैल्शियम, यूरिक एसिड या ऑक्सालेट का स्तर प्राकृतिक रूप से ज्यादा बनता है. ऐसे में चाहे वे सामान्य आहार ही क्यों न लें, लेकिन किडनी स्टोन बनने की संभावना रहती है. इसके अलावा, जिन परिवारों में बार-बार स्टोन बनने की समस्या देखी जाती है, उनमें जीन का असर प्रमुख माना जाता है. साथ ही खराब लाइफस्टाइल भी इस समस्या को और बढ़ा सकता है जैसे कम पानी पीना, नमक और प्रोटीन का अत्यधिक सेवन, या बार-बार यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) होना स्थिति को बिगाड़ देता है. यही वजह है कि जिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री किडनी स्टोन की है, उन्हें शुरुआत से ही सतर्क रहने और समय-समय पर जांच कराने की जरूरत होती है.

कैसे करें बचाव

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.

नमक और प्रोटीन का सेवन कंट्रोल रखें.

ऑक्सालेट से भरपूर चीज़ें जैसे पालक, चॉकलेट और चाय को सीमित करें.

ताजी सब्ज़ियों और फलों को डाइट में शामिल करें.

अल्कोहल और फास्ट फूड से दूरी बनाएं.

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं, खासकर अगर परिवार में पहले से इतिहास हो.

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