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Sunday, February 8, 2026
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बारिश में फैलती हैं आंखों की ये बीमारियां, ऐसे लक्षण दिखें तो करा लें इलाज

बारिश के मौसम में बीमारियां तेजी से फैलती है जिसमें आंखों की बीमारी भी शामिल है. आंख आना, फुंसी होने जैसी बीमारियां बारिश में अधिक क्यों फैलती है? किन सावधानियों से आंखों को हेल्दी रखा जा सकता है, जानिए आंखों के डॉक्टर ने क्या सुझाया.

 बारिश का मौसम जहां ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं इस समय नमी, गंदगी और बैक्टीरिया-वायरस के बढ़ने से आंखों की कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. खासतौर पर कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना), स्टाई (फुंसी), ड्राई आई और एलर्जी जैसी समस्याएं इस मौसम में आम हो जाती हैं. इन संक्रमणों का कारण गंदे हाथों से आंखों को छूना, बारिश का पानी आंखों में जाना या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना हो सकता है. इसलिए मानसून में आंखों की विशेष देखभाल करना बेहद जरूरी होता है.

मानसून में बारिश के बाद जब तेज धूप आती है तो वातावरण में नमी बढ़ जाती है. नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ने का परफेक्ट माहौल बन जाता है. फिर इस मौसम में आंखों से जुड़ी कई समस्याएं तेजी से फैलती हैं. बारिश में वायरस और बैक्टीरिया हवा और पानी के ज़रिए तेजी से फैलते हैं, जिससे आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और सूजन जैसी दिक्कतें होना आम बात है.

इस मौसम में क्यों फैलती हैं आंखों की बीमारियां

दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में आई डिपार्टमेंट में डॉ. एके ग्रोवर बताते हैं किबारिश में आंखों की बीमारियों के फैलने की एक बड़ी वजह है गंदे हाथों से आंखों को छूना या संक्रमित पानी का संपर्क. इसके अलावा, मानसून में आंखों में नमी और गर्मी की वजह से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. कई बार ऑफिस, स्कूल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट में किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी कंजंक्टिवाइटिस जैसे संक्रमण फैलते हैं. स

बारिश में होने वाली आखों की बीमारियां कौन सी है

1 कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) आंख आना

यह सबसे आम संक्रमण है जो मानसून में तेजी से फैलता है. इसे आई फ्लू भी कहा जाता है. यह एक वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण होता है जो आंख की बाहरी परत (कंजंक्टाइवा) को प्रभावित करता है.

लक्षण: आंखें लाल हो जाना, पानी गिरना या चिपचिपापन, खुजली और जलन, पलकों का चिपकना खासकर सुबह.

2 स्टाई (Stye) फुंसी या फोड़ा

आंखों की पलकों पर छोटी-सी सूजन या फुंसी को स्टाई कहा जाता है. यह बैक्टीरिया के कारण होता है और गंदे हाथों से आंख छूने से फैल सकता है.

लक्षण: पलक के किनारे पर दर्दभरी फुंसी, सूजन और हल्का लालपन, पलकों में भारीपन.

3 ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome)

बारिश के मौसम में लगातार स्क्रीन देखने और नमी के कारण आंखों में ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ सकती है.

लक्षण: आंखों में सूखापन, चुभन या रेत जैसी फीलिंग, जलन और आंखों का थक जाना.

4 एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस (Allergic Conjunctivitis)

मानसून में पराग कण, धूल या फंगल संक्रमण की वजह से कुछ लोगों को एलर्जी हो जाती है.

लक्षण: आंखों में तेज खुजली, लालिमा, पानी आना, बार-बार आंख मलने की इच्छा.

इन सावधानियों से करें आंखों की हिफाजत-

– गंदे हाथों से आंखों को न छुएं. बाहर से आने के बाद हाथ ज़रूर धोएं.

– किसी की आंखों की दवा, रुमाल या तौलिया इस्तेमाल न करें.

– बारिश का पानी अगर आंखों में चला जाए तो साफ पानी से तुरंत धोएं.

– कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को इस मौसम में खास सावधानी बरतनी चाहिए.

– आंखों में जलन या लालिमा हो तो खुद इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से दिखाएं.

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