नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने एक बड़े ड्रग तस्करी मामले का खुलासा किया है। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए एक केन्याई नागरिक को संदेह के आधार पर रोका गया, जिसने पूछताछ में कबूल किया कि उसने कोकीन से भरे 67 कैप्सूल निगल रखे हैं।
कस्टम अधिकारियों ने यात्री की गतिविधियों पर शक होने पर उसे टर्मिनल-3 पर रोका और पूछताछ की। पहले तो यात्री बहाने बनाता रहा, लेकिन गहन जांच के बाद उसने सच उगल दिया। इसके तुरंत बाद उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसके पेट से 67 कैप्सूल निकाले गए। इन कैप्सूल को खोलने पर 996 ग्राम हाई-प्योरिटी कोकीन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹14.94 करोड़ आंकी गई है।
प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का हिस्सा था। आरोपी को 7 फरवरी को NDPS एक्ट, 1985 की धारा 21, 23 और 29 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही बरामद कोकीन को NDPS एक्ट की धारा 43(a) के तहत जब्त कर लिया गया है।
ड्रग तस्करी का खतरनाक तरीका
ड्रग तस्कर अक्सर प्लास्टिक या लेटेक्स से बने छोटे कैप्सूल में नशीला पदार्थ भरकर निगल लेते हैं, ताकि एयरपोर्ट सुरक्षा जांच में पकड़े न जाएं। यह तरीका बेहद खतरनाक है, क्योंकि पेट के अंदर कैप्सूल फटने से तस्कर की जान भी जा सकती है।
कस्टम विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।


