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Saturday, February 7, 2026
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महिला दिवस 2025: भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका और योगदान

International Women’s Day 2025: हर वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। आज महिलाएं राजनीति, रक्षा, चिकित्सा और वित्तीय समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत की आजादी के बाद कई महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता, साहस और दूरदर्शिता से राजनीति में पहचान बनाई। इन महिला नेताओं ने न केवल अपने कार्यों से प्रसिद्धि पाई बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को भी सशक्त किया।

उन्होंने यह साबित किया कि महिलाएं नेतृत्व के उच्च पदों तक पहुंचने और समाज में बदलाव लाने में सक्षम हैं। आइए जानते हैं उन पांच महिला नेताओं के बारे में जिन्होंने आजादी के बाद भारतीय राजनीति में विशेष योगदान दिया।

1. भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री – इंदिरा गांधी

भारतीय राजनीति में महिलाओं का जिक्र हो तो सबसे पहले इंदिरा गांधी का नाम लिया जाता है। वह भारत की पहली और अब तक की सबसे प्रभावशाली महिला प्रधानमंत्री थीं। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बांग्लादेश के गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने 1975 में आपातकाल लागू किया, जिसे भारतीय राजनीति का एक बड़ा घटनाक्रम माना जाता है।

2. भारत की पहली महिला राज्यपाल – सरोजिनी नायडू

सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदार थीं और संविधान निर्माण के दौरान महिला अधिकारों की पैरोकार बनीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनकर भारत की पहली महिला राज्यपाल बनीं। उन्हें उनकी कविताओं और भाषणों के लिए ‘भारत कोकिला’ के नाम से भी जाना जाता है।

3. भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री – राजकुमारी अमृत कौर

राजकुमारी अमृत कौर भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री थीं। आजादी के बाद जब पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार बनी, तो 20 मंत्रियों की कैबिनेट में जगह पाने वाली वह पहली महिला थीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और महात्मा गांधी के सचिव के रूप में भी कार्य किया। दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम’ ने उन्हें 1947 की ‘वुमन ऑफ द ईयर’ के रूप में चुना था। देश में एम्स (AIIMS) की स्थापना का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।

4. भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री – सुचेता कृपलानी

देश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने 1963 से 1967 तक उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह प्रसिद्ध गांधीवादी नेता आचार्य कृपलानी की पत्नी थीं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के शासनकाल में कई बार जेल भी गईं और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

5. भारत की पहली पूर्णकालिक महिला विदेश मंत्री – सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज भारत की पहली पूर्णकालिक महिला विदेश मंत्री थीं। वह एक ऐसी मंत्री थीं, जिन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर/X) के माध्यम से आम जनता की समस्याएं सुनीं और उन्हें समाधान प्रदान किया। उनके प्रयासों से विदेश मंत्रालय तक आम जनता की सीधी पहुंच बनी। आपातकाल के दौरान उन्होंने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में संघर्ष किया और 1977 में हरियाणा की सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनीं।

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