मुझे एक साथी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की उपलब्धियों से भरा एक वॉट्सऐप मैसेज भेजा और लिखा कि यदि मैं सच्चा देशभक्त हूं तो इस मैसेज को फॉरवर्ड कर दूं . मुझे बहुत ज़ोर का झटका धीरे से लगा कि सच्चा देशभक्त होने की कैसी अजीब शर्त ? उसके कुछ ही दिनों पहले मुझे एक अन्य मैसेज आया था कि आप सक्षम हैं और सच्चे देशप्रेमी है तो एलपीजी गैस की सब्सिडी लेना छोड़ दें. उसके पहले एक मैसेज था कि आप देश से प्रेम करते हैं तो घूस लेना (मै प्राइवेट काम वाला हूं सो यह शर्त मुझ पर लागू नहीं होती ) और देना छोड़ दें . कभी मैसेज आता था कि भ्रष्ट व्यवस्था का साथ देना छोड़ दें , तो कभी मैसेज आता था कि अमुक राजनेता का साथ देना छोड़ दें . किसी ने लिखा कि यह कौम गद्दार है , उसे काम पर ना रखें , तो कोई कहता है कि अमुक बाबा के अनुयायी सावधान क्योंकि उनका पैसा हवाला माध्यम से देशद्रोहियों के पास भी जाता है. मैंने पत्रकार माधो से कहा कि मुझे अपने को सच्चा देशभक्त साबित करने के लिए क्या करना चाहिए ?
पत्रकार माधो ने कहा कि अपने को देशभक्त साबित करने का सरल तरीका है कि जब भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच चल रहा हो तो ढेर सारे फटाके लाओ और पाकिस्तान के हर विकेट और भारत के हर चौके-छक्के पर फटाके फोड़ो. मैच जीतने के बाद ढेर सारे फटाके फोड़ो . बाहर चौक में निकल जाओ , चाहे बियर-शराब भी पी हो, पर तिरंगा लहराते हुए नारे लगाओगे तो मोहल्ले के सबसे बड़े देशप्रेमी कहलाओगे . मैंने आगे पूछा कि अभी तो मैच नहीं है अभी क्या किया जा सकता है ? वे बोले , अभी भी , कभी भी , कहीं भी, किसी के भी सामने पाकिस्तान के विरुद्ध आक्रोश दिखाओ , जितनी ज़ोर से आवाज़ निकालोगे उतनी जल्दी देशप्रेमी कहलाओगे . मैंने कहा कि और ज़्यादा जल्दी हो तो मुझे और क्या तैयारी करनी होगी ? वे हंसते हुए बोले , ज़्यादा कुछ नहीं करना है . बस , जहां कहीं भीड़ देखो , नारे लगाओ . प्रदर्शन हो, हड़ताल हो , कॉन्फ्रेंस हो , जहां भी भीड़ दिखे, बस , वन्दे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाओ . सचमुच, मैंने सभी जगह नारे लगाने चालू कर दिया . अब जहां भीड़ देखता हूं और पहुंच कर तुरंत नारे शुरू कर देता हूं . लोग मुझे दूर से ही देखकर कहने लगते हैं कि देखो , सच्चा देश भक्त आया है , अब नारे लगाएगा . वे दिल से कहते हैं या मेरा मज़ाक उड़ाते हैं , यह नहीं पता. पर कहने लगे हैं कि नेताजी , अब देश का भविष्य आपके हाथ में है. बोलो, भारत माता की ….. जय .
इंजी. मधुर चितलांग्या “माधो”
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स


