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अब थमेगी मासूमों की मौत? हमास-इजरायल जंग पर बनी बात, शांति वाला प्लान UN से पास, नेतन्याहू से मिले ब्लिंकन

इजरायल-हमास जंग में बीते 8 महीने से गाजा पट्टी जल रही है. इजरायल-हमास युद्ध में लाखों जिंदगियां तबाह हो चुकी हैं. हजारों कत्लेआम के बाद अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बड़ा कदम उठाया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा में युद्ध विराम के लिए अमेरिका का प्रस्ताव पारित हो गया. इस प्रस्ताव के तहत बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल के साथ संघर्ष को समाप्त करने की जिम्मेदारी हमास पर डाल दी गई है. अमेरिका द्वारा लाये गए इस प्रस्ताव पर चीन सहित 14 सदस्य देशों ने वोट किया. हालांकि, रूस ने मतदान में भाग नहीं लिया. बावजूद इसके यह प्रस्ताव पास हो गया. अब अगर इस प्रस्ताव को अमल में लाया जाता है तो शायद गाजा में मासूमों की मौत का सिलसिला थम सकता है. इसके तहत तीन-चरण में गाजा में शांति प्रस्ताव लागू किया जाएगा, जिसमें कतर और मिस्र की भूमिका भी होगी.

सुरक्षा परिषद का यह प्रस्ताव अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के इजरायल पहुंचने के बीच आया है. जी हां, एक ओर जहां गाजा का मसला हल करने का प्लान सुरक्षा परिषद में पास हुआ. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने पहुंचे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने बेंजामिन नेतन्याहू से मिलकर हॉस्टेज प्रपोजल और गाजा में मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर बातचीत की. बता दें कि इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खाई है. 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था. इसके बाद से ही इजरायल का पलटवार जारी है.

बाइडन का ऐलान
इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में इजराइल और हमास के बीच आठ महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से सोमवार को अपने पहले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अमेरिका समर्थित संघर्ष विराम प्रस्ताव की घोषणा राष्ट्रपति जो बाइडन ने की. अमेरिका का कहना है कि इजराइल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. वहीं सबकी निगाहें चरमपंथी फलस्तीनी समूह हमास पर हैं, जिसने शुरू में कहा था कि वह तीन चरण वाली इस योजना के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर सकारात्मक रूप से विचार कर रहा है.

हमास मानेगा?
हमास ने इस घटनाक्रम पर कहा कि वह प्रस्ताव का स्वागत करता है और इसे लागू करने के लिए इजराइल के साथ सीधी बातचीत न कर मध्यस्थों के साथ कार्य करने के लिए तैयार है. हमास की ओर से जारी यह बयान अब तक दिए गए सबसे कड़े बयानों में से एक था. हमास ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि चरमपंथी समूह इजराइल के कब्जे को समाप्त करने के लिए ‘अपना संघर्ष’ जारी रखेगा और फलस्तीन को पूर्णतया संप्रभु देश बनाने के लिए काम करता रहेगा.

कितने देशों का समर्थन?
सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बहुमत से मंजूरी दी. हालांकि रूस मतदान से नदारद रहा. इस प्रस्ताव में इजराइल और हमास से बिना किसी शर्त और विलंब के इसके नियमों को पूर्ण रूप से लागू करने का आह्वान किया गया है. अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने कहा कि मतदान के बाद परिषद ने हमास को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे संघर्ष विराम समझौते को स्वीकार करना ही होगा। उन्होंने दोहराया कि इजराइल ने इस समझौते को स्वीकार कर लिया है, जिसका समर्थन दुनियाभर के देशों ने किया है. ग्रीनफील्ड ने परिषद से कहा कि जंग आज ही रुक सकती है बशर्ते हमास ऐसा करना चाहे तो.

कितने फिलिस्तानियों की मौत?
इजरायली वॉर कैबिनेट में शामिल विपक्षी नेता बेनी गैंट्ज़ ने रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर बंधकों को वापस लाने और युद्ध को समाप्त करने के बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था. इससे पहले इजरायली सेना ने शनिवार को गाजा में हमास के कब्जे वाले क्षेत्र से चार बंधकों को नाटकीय ढंग से बचाया था. हमास द्वारा नियंत्रित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के जवाबी हमलों में अब तक 36,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं.

कैसे प्रस्ताव पर होगा काम?
थॉमस-ग्रीनफील्ड के अनुसार, सुरक्षा परिषद द्वारा स्वीकृत योजना छह सप्ताह के युद्ध विराम के साथ शुरू होगी, जिसमें इजरायली बंधकों, जिसमें महिलाएं, घायल और बुजुर्ग हैं, को छुड़ाया जाएगा और इसके बदले में इजरायली हिरासत से फिलिस्तीनियों को छोड़ा जाएगा. फिर इजरायल को गाजा के आबादी वाले क्षेत्रों से अपने सैनिकों को वापस बुलाना होगा और नागरिकों को अपने घरों में लौटने की अनुमति दी जाएगी. दूसरे चरण में, ‘गाजा में मौजूद सभी अन्य बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी के बदले में शत्रुता का स्थायी अंत होगा. अंतिम चरण में ‘गाजा के लिए एक पुनर्निर्माण योजना की शुरुआत होगी, और गाजा में मौजूद इजरायली और अन्य लोगों के अवशेषों को उनके परिवारों को वापस किया जाएगा.

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