• 13-06-2024 22:16:21
  • Web Hits

Poorab Times

Menu

भारत ने बनाया अपना ‘आत्मघाती ड्रोन’, रूस-यूक्रेन युद्ध में मचा रहा है तबाही

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में तबाही मचाने वाला और युद्ध क्षेत्र में गेम-चेंजर का काम करने वाला कामिकेज ड्रोन अब भारतीय फौज में शामिल होने वाली है क्योंकि रक्षा अनुसंधान विकास संगठन(DRDO) और कैडेट डिफेंस सिस्टम ने मिलकर भारत का पहला स्वदेशी कामिकेज ड्रोन तैयार कर लिया है. इससे 2 से 3 साल में 5 हजार यूनिट बनाई जा सकती हैं.

पहले स्वदेशी कामिकेज ड्रोन के बनते ही आर्म्ड फोर्स ने शुरू में ही 24 ड्रोन का ऑर्डर दे दिया है, जो कि साल 2024 तक सप्लाई की जाएगी. कामिकेज ड्रोन को आवारा गोला-बारूद, आत्मघाती ड्रोन या विस्फोट करने वाले ड्रोन के रूप में भी जाना जाता है. यह एक प्रकार का हवाई हथियार है जिसमें एक अंतर्निर्मित वॉर हेड होता है जिसे आम तौर पर लक्ष्य क्षेत्र के चारों ओर घूमने के लिए डिजाइन किया गया है, यह लक्ष्य क्षेत्र पर लंबे समय तक धैर्यपूर्वक घूमते रहने की क्षमता रखता है, इसके बाद जब यह अपने लक्ष्य पर स्थित हो जाता है तो यह ड्रोन इससे टकराकर उस पर हमला बोल देता है.

क्या है कामिकेज ड्रोन की खासियत

अपने लक्ष्य पर निशाना साधने के लिए लंबे समय तक उसके इर्द-गिर्द घुमने की विशेषता ही इस ड्रोन को एक खतरनाक हथियार के रूप में बनाता है. कामिकेज ड्रोन की खासियत ये है कि इससे लक्ष्य पर एकदम सटीक निशाना लगता है, इतना ही नहीं यह ड्रोन उड़ान के बीच में लक्ष्य बदलने या यहां तक कि मिशन को रद्द करने की भी क्षमता रखता है. इस ड्रोन में इन-बिल्ड वॉर हेड होता है.

कई वर्जन का हो रहा निर्माण

अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और भारत-निर्मित एलएएम (loitering aerial munitions) सिस्टम के कई वर्जन विकसित किए जा रहे हैं, जिनका वजन 2 से 40 किलोग्राम के विस्फोटक पेलोड के साथ 15 किलोग्राम से 120 किलोग्राम तक होता है. कामिकेज ड्रोन का सबसे बड़ा वर्जन लगभग 12 घंटे तक घूम सकता है और इस ड्रोन को 5,000 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई क्षमता के साथ रेगिस्तान, मैदानी इलाकों और उच्च ऊंचाई वाले वातावरण के साथ किसी भी मौसम और इलाकों के अनुकूल बनाया गया है.

इस ड्रोन को फिलहाल किसी व्यक्ति के कंधे से या किसी वाहन से लॉन्च किया जा सकता है, हालांकि भविष्य में इसके एयर-लॉन्च वर्जन को डेवलप करने की प्लानिंग की जा रही है. DRDO और कैडेट डिफेंस सिस्टम ने 2024 में 50 से ज्यादा ऐसे ड्रोन की डिलीवरी के लिए एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर चुका है. यह अगले 2 से 3 सालों के अंदर 5,000 तक आपूर्ति करने के लिए उत्पादन बढ़ा सकती है.

 

Add Rating and Comment

Enter your full name
We'll never share your number with anyone else.
We'll never share your email with anyone else.
Write your comment
CAPTCHA

Your Comments

Side link

Contact Us


Email:

Phone No.