• 15-04-2024 01:11:02
  • Web Hits

Poorab Times

Menu

भूपेश बघेल के पसंदीदा संभावित कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र साहू विवादित क्यों हैं ?

दुर्ग कांग्रेस की राजनीति- भूपेश बघेल के पसंदीदा संभावित कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र साहू विवादित क्यों हैं ?

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच से राजेंद्र साहू का समर्थन करने वाले लोग सामने क्यों नहीं आ रहे हैं ?

क्या दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के नगरीय निकायों के महापौर व अध्यक्ष राजेंद्र साहू को समर्थन देंगे ?

दुर्ग लोकसभा से कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी का पार्टीगत समर्थन किसको मिलेगा अस्पष्ट है ?

पूरब टाइम्स , भिलाई दुर्ग . लोकसभा चुनाव अब करीब आने लगे हैं साथ ही राजनेताओं की सक्रियता बढ़ गई है . दुर्ग से भाजपा ने, वर्तमान सांसद विजय बघेल को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है . अब लोगों की नज़र भाजपा की चिर प्रतिद्वंदी पार्टी कांग्रेस पर है कि वह किसे अपना प्रत्याशी घोषित करते हैं. यूं तो पुराने दावेदारों की लम्बी फेहरिस्त हैं पर देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस किस समीकरण को लेकर , दमदार उम्मीदवार उतारती है ? सूत्रों से छंकर आ रही खबरों से यह बताया जा रहा है कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री की राय सबसे महत्वपूर्ण रहेगी . लेकिन यदि वह हर तरह से जीतने के लिये आवश्यक विश्लेषण की जगह अपनी पसंद – ना पसंद थोपेंगे तो वही हश्र होगा जोकि पिछले विधानसभा चुनाव में हुआ यानि कि जीती बाज़ी भी हार जायेंगे . दुर्ग में पूर्व मुख्यमंत्री के पसंदीदा करीबी राजेंद्र साहू के नाम की सुगबुगाहट शुरू हो गई है .  इस मुद्दे पर पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक और छाया विधायक राजेंद्र साहू का समर्थन क्यों करेंगे ?

दुर्ग जिला कांग्रेस की राजनीति के दृष्टिकोण से वीआईपी जिला है क्योंकि कांग्रेस के लिए दुर्ग जिले ने पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की सबसे ज्यादा संख्या दी थी . लेकिन दुर्ग जिले ने कांग्रेस को विगत विधानसभा चुनावों में असम्मान जनक हार का स्वाद चखाकर कांग्रेस का आत्म-विश्वास तोड़ दिया है.  जिसका जिम्मदार कौन है ? यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला भले ही होगा पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक प्रत्याशी  वस्तुस्थिति से भलीभांति परिचित हैं . उनको पता हैं कि उनको अंदरूनी तौर पर किस किसने हरवाया है लेकिन ये हारे हुए विधायक प्रत्याशी लोकसभा चुनावों कारण  पार्टी हित में चुप्पी साधे बैठे हैं . अगर भूपेश बघेल ने अपना कृपा पात्र को  लोकसभा चुनावों में उतारा तो नतीजा वही होगा जो वैशाली नगर में हुआ है , इसलिए अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस किसको दुर्ग में लोकसभा में टक्कर देने वाला प्रत्याशी घोषित करेगी , यह  विधायकों व छाया विधायकों की प्रतिक्रिया आने पर स्पष्ट होगा ?

नगरीय निकायों के लिए राजेंद्र साहू ने क्या किया ? महापौर और अध्यक्ष,  मतदाताओं के इस प्रश्न का क्या जवाब देंगे ?

भूपेश बघेल सरकार ने दुर्ग जिले के अनेक नगरीय निकायों को आधारभूत सुविधाओं से वंचित ही रखा और करोना काल की विपरित परिस्थितियों में भी लोक स्वास्थ्य के संरक्षण के लिए बेहतर नहीं किया इसलिए आगली लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का जो भी प्रत्याशी घोषित किया जायेगा , उसे नगरीय निकायों के तहत प्रदान की जाने वाली शासकीय सेवाओं के संबंध में जनता के सीधे प्रश्नों का सामना करना पड़ेगा . ऐसे में यदि भूपेश बघेल का प्रत्याशी राजेंद्र साहू घोषित होगा तो दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा और कुम्हारी नगरीय निकाय  से संबंधित मामलों को उठाने के अवसर जनता व विपक्षियों को मिलेगा इसलिए कांग्रेस का अंदरूनी राजनीति समीकरण आपसी तालमेल बनाने में कठिनाई महसूस करेगा 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या तो बहुत बड़ी है लेकिन इनमें राजेंद्र साहू समर्थक कितने है ?

जैसे ही भूपेश बघेल खेमे के राजेंद्र साहू का नाम लोकसभा प्रत्याशी के रूप में चर्चा में आया है,  दुर्ग कांग्रेस पर इस थोपे जा रहे नाम के चलते ज़्यादातर कांग्रेसी कार्यकर्ता हतोत्साहित नजर आ रहा है . छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस ने दयनीय विधायक संख्या के साथ अपनी राजनैतिक उपस्थिति दर्ज करवाई है जिसके लिये जिम्मेदार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही हैं  . बहुत बड़े बहुमत के साथ बनी सरकार होने के बावजूद भी कांग्रेस , प्रत्याशी चयन के कारण , जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच अपनी विश्वासनियत स्थापित नही कर पाई थी .

   

 

Add Rating and Comment

Enter your full name
We'll never share your number with anyone else.
We'll never share your email with anyone else.
Write your comment
CAPTCHA

Your Comments

Side link

Contact Us


Email:

Phone No.