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भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने सत्ता से बाहर होने के जाने कारण, बताया जीत का फार्मूला

रायपुर । तीन दिवसीय दौरे पर आए भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवाने के कारण जाने। भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों व मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों से सीधे संवाद किया। जामवाल ने पूछा कि प्रदेश में 15 साल सरकार रहने के बाद पार्टी आखिर सत्ता से इतनी बुरी तरह से बाहर कैसे हो गई। इससे पहले मंगलवार को विधायक दल और कोर ग्रुप में भी जामवाल ने इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश की थी। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वे प्रदेश कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। जिसे भी जो बात करनी है, आकर कर सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके साथ हुई कोई भी बात लीक नहीं होगी।

जामवाल की बातें सुनने के बाद एक-एक करके कई पदाधिकारियों ने हार के कारण गिनाए। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पदाधिकारियों ने कहा कि रमन सरकार की तीसरी पारी में कार्यकर्ताओं से ज्यादा अफसर प्रभावी थे। सत्ता और संगठन की बागडोर अफसरों के हाथ में ही थी। संभाग स्तर के एक पदाधिकारी ने बताया कि कैडर बेस्ड पार्टी में कार्यकर्ता उपेक्षित थे, इसलिए 15 साल बाद 15 सीटों के रूप में परिणाम आया। एक पदाधिकारी ने कहा कि अगर तीसरी पारी में कुछ चेहरों को बदल दिया गया होता, तो शायद जीत मिल सकती थी। अगर सत्ता से बाहर भी होते तो इतनी बुरी तरह हार नहीं होती। कम से कम 30 विधायक जीत सकते थे। प्रदेश के अलग-अलग हिस्से से आए आठ पदाधिकारियों ने एक-एक करके हार के कारण गिनाए।

जामवाल ने की आगे की बात, बताया जीत का फार्मूला

पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बातें सुनने के बाद जामवाल ने कहा कि हार के कारण जानने के बाद अब हमें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार होना चाहिए। पदाधिकारियों ने नए चेहरों को मौका देने की बात कही, जिसके जवाब में जामवाल ने सिर हिलाकर हामी भरी। उन्होंने संभाग और जिला प्रभारियों से कहा कि अब करेंगे, जाएंगे, देखेंगे से काम नहीं चलेगा, बल्कि करना ही है। सारे पदाधिकारी बूथ स्तर तक जाएंगे। बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे। संभाग, जिले और विधानसभा के प्रभारियों को महीने में 10 दिन कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताना है। उन्होंने साफ किया कि एक बार के दौरे में कम से कम तीन दिन क्षेत्र में गुजारना है। उन्होंने कहा कि वे यहां रहेंगे और सारी चीजों की निगरानी करेंगे। वे खुद भी जिले, मंडल और बूथ स्तर का दौरा करेंगे।

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