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घरेलू पर्यटन को मिले बढ़ावा, स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को मिले रियायत

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में उद्योगों की रप्तार बढ़ानी है तो एकल खिड़की प्रणाली का विस्तार होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि ऐसी पालिसी लाए जिसमें एमओयू से लेकर व्यापारियों को प्राप्त होने वाले सब्‍सिडी व एनओसी मिलने तक के सारे काम एक ही विभाग से हो। इन कामों के लिए उद्योगों को भटकना न पड़े। छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स ने इसे लेकर प्रदेश के उद्योग मंत्री को पिछले दिनों सुझाव भी सौंपा है। मालूम हो कि शुक्रवार नौ फरवरी को प्रदेश का बजट पेश होने वाला है।

चेंबर का कहना है कि प्रदेश में वन स्टेट वन लाइसेंस पालिसी पर काम होना चाहिए। बाहर से आने वाले उद्योगों को सबसे बड़ी परेशानी लाइसेंस बनाने में ही आती है और इसके लिए विभागों के चक्कर लगाना पड़ता है। प्रदेश के बजट में इसके लिए प्रावधान होना चाहिए। छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कहा कि इन सुझावों को प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सौंपा भी जा चुका है। इन सुझावों को बजट में शामिल किए जाने से प्रदेश में विकास की रफ्तार और ज्यादा बढ़ेगी।

 

बजट में इन उद्योगों को मिले रियायत

 

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि ऐसे उद्योग जो स्थानीय लोगों को रोजगार दे रहे है,उन्हें रियायत मिलना चाहिए। यदि कोई उद्योग 70 प्रतिशत को रोजगार देता है तो उसे 5 प्रतिशत सबसिडी, 80 प्रतिशत को रोजगार देता है तो 10 प्रतिशत सबसिडी, 90 प्रतिशत को रोजगार देता है तो उसे 15 प्रतिशत और 100 प्रतिशत स्थानीय को रोजगार देता है तो 20 प्रतिशत सबसिडी देनी चाहिए।

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