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सीएसआईडीसी का कच्चा चिट्ठा, “वाकई है क्या” कौन बताएगा ?

छ.ग. उद्योग विभाग- सीएसआईडीसी का कच्चा चिट्ठा, “वाकई है क्याकौन बताएगा ?

जवाबदेही तय करने के लिए क्या कर रहा है सीएसआईडीस का प्रबंधन ?

पारदर्शिता पूर्ण कामकाज संचालन करने की सुनिश्चित्ता सीएसआईडीसी करता है क्या ?

विभागीय कार्यवाही समीक्षा के लिए शासन द्वारा निर्धारित की गई तिथि पर स्पष्टीकरण भेजा जाता है क्या ?

पूरब टाइम्स , रायपुर . छ.ग. की सरकार यहां की उद्योग नीति में समय समय पर बदलाव करता रहा है . स्थानीय लोगों को सुविधा एवं नीतिगत लाभ मिलने के सरलीकरण के लिये छत्तीसगढ़ ऑद्योगिक विकास निगम ( अर्थात सीएसआईडीसी) की स्थापना की गई . इससे ना केवल स्थानीय वेंडरों को लाभ मिलता बल्कि पूर्व मध्य प्रदेश के समय , सरकार द्वारा स्थापित पुरानी औद्योगिक संपदा का व्यवस्थापन भी हो जाए . सरकार की मंशा के अनुरूप , पारदर्शिता के साथ अनेक ज़रूरी ज़िम्मेदारियां सीएसआईडीसी द्वारा निर्वहन करनी थीं पर ऐसा लगता है कि केवल कुछ आवश्यक ज़िम्मेदारियों के अतिरिक्त बाकी कामों को इस विभाग ने ठंडे बस्ते में रख दिया है . आलम यह है कि सीएसआईडीसी में पदस्थ अनेक अधिकारियों को तो उनके विभागीय कार्यों तक के बारे में जानकारी नहीं है . विभाग का मैनेजिंग डायरेक्टर , आईएएस को बनाया गया है , जिनके नाम का उपयोग कर अधिकारी , अपने आप को निरीह साबित करने की कोशिश करते हैं . सीएसआईडीसी की वेब साइट में डाली गई जानकारी के अलावा अन्य कार्यों के बारे में अनभिज्ञता दिखाना आश्चर्य की बात है . यह एक सोची समझी रणनीति के कारण है या सचमुच विभागीय कार्यशैली न्यूनतम सतर पर जा रही है , यह शोध का विषय होगा . इसी मुद्दे की शुरुआत करते हुए पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

जैसा कि बताया जाता है , सीएसआईडीसी की कार्य प्रणाली का अपडेशन वाकई हुआ है क्या ?

राज्य में पारदर्शी एवं जनोन्मुखी प्रशासन हेतु Ease of Doing Business कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा गया है। सभी प्रकार की स्वीकृतियां, अनुमोदन आदि जारी करने के लिए आन-लाईन प्रकिया लागू की जा रही है। प्रकियाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा Deemed Approval का प्रावधान भी किया जा रहा है। सत्यापन आदि के लिए स्वप्रमाणन का प्रावधान भी रखा गया है। उपयुक्त भौगोलिक स्थिति (Location). प्रचुर नैसर्गिक संसाधन, आदर्श मूल्य पर भूमि की उपलब्धता, कुशल श्रमिक, गुणवत्तायुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति, कम लागत मूल्य, पारदर्शी प्रशासन आदि कारकों से यह राज्य निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा है क्या इसका मूल्यांकन करने का समय आ गया है क्योंकि वर्तमान वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट वस्तुस्थिति स्पष्ट करने वाली है ।

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति ने क्या उद्यमिता विकास के अवसर उत्पन्न किये हैं ?

राज्य में उद्यमिता विकास से संबंधित विभिन्न कार्यों यथा औद्योगिक संभाव्य सर्वेक्षण, प्राथमिक एवं विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, निवेश पूर्व अध्ययन, संभावित नये उद्यमियों का चयन एवं उनके परियोजनाओं के क्रियान्वयन, तकनीकी एवं प्रबंधकीय सहयोग, टेक्नो इकानामिक फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने, औद्योगिक प्रबंधकीय एवं वित्तीय कन्सलटेन्ट के रूप में कार्य करने, इंजीनियरिंग कन्सलटेंसी सेवाएं प्रदान करने, परियोजना पर्यवेक्षण सेवाएं देने तथा उद्यमिता जागरूकता, उद्यमिता विकास, स्किल डेव्हलपमेंट कार्यक्रम, फैकल्टी डेव्हलपमेंट कार्यक्रम, ट्रेनर ट्रेनिंग कार्यक्रम, प्रबंधकीय प्रशिक्षण, विपणन सहयोग, वर्कशॉप, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आदि कार्यों हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ कंसल्टेंसी आर्गेनाईजेशन (CGCON) का गठन विभाग के उपक्रम छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन, राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं अन्य शासकीय विभागों के साथ संयुक्त उपक्रम के रूप में किया करने की लुभावनी योजना सीएसआईडीसी ने बनाई थी लेकिन इसकी वस्तुस्थिति को सार्वजनिक करने वाला वार्षिक प्रतिवेदन अभी अंतिम पड़ाव पर है जो वित्तीय वर्ष के अंत के साथ पब्लिक डोमेन पर जन सामान्य की समीक्षा के लिए जल्द ही आ जायेगा ।

मैनेजिंग डायरेक्टर सीएसआईडीसी महोदय युवाओं के कौशल अधिकार को कब सुनिश्चित करवायेगा ?

युवाओं में उद्यमिता विकास हेतु विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों द्वारा किये जाने वाले उद्यमिता कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित करते हुए एक वार्षिक कलेण्डर तैयार कर सम्पूर्ण राज्य में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन का लक्ष्य सीएसआईडीसी ने रखा था । राज्य में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम की नवीन रूपरेखा बनाना भी इस लक्ष्य का हिस्सा था जिसमें व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं औद्योगिक भ्रमण की व्यवस्था की जानी थी । उत्पाद आधारित उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रारंभ किया जाना था । छत्तीसगढ़ राज्य के उद्यमियों को प्रतिष्ठित "इंटरप्रोन्यरशिप डेव्हलपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद" एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं में उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण हेतु भेजा जाना शासन सत्र से तय किया गया था । उल्लेखनीय है कि, उद्यमिता विकसित करने हेतु अन्य तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थाओं की सेवाएं भी लिया जाना था तथा इन संस्थाओं में उद्यमिता विकास कार्यक्रम को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किये जाने हेतु समन्वय स्थापित किया करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया था गौर तलब रहे कि छत्तीसगढ़ राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान तथा अन्य अनुमोदित एजेंसियों से जिले में संभावित उद्योगों के प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार कर उद्यमियों को निःशुल्क उपलब्ध कराये जाने का जिम्मा शासन ने सीएसआईडीसी को सौप था लेकिन इन सभी सभी लुभावनी योजनाओं का क्या हुआ यह वर्तमान में खोज का विषय बन गया है ।

 

   

 

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