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दहेज की मांग, शारीरिक मानसिक प्रताड़ना और बेटी को बाप से खतरा इसलिए एफआईआर दर्ज हुआ

रायपुर : महिला थाना मे चंदन तालाब के पास, गुरूद्वारा रोड, नीलम क्लीनिक, के पास, खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़, भारत निवासी श्रीमती मेघा ठाकुर (सूचना कर्ता)  ने शिवेन्द्र सिंह ठाकुर व लता देवी ठाकुर (आरोपी)  शुक्रवारी बाजार के पासमरहीमाता मंदिर के सामने, कुंदरापारा, गुढियारी, रायपुर के विरुद्ध FIR No. (प्र.सू.रि.सं.): 0143 दर्ज करवाई है 
पर इन धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई है 
भादं से 1860-498-A
भादंसं 1860-323
भादं से 1860-34
भादं से 1860-506

घटना विवरण जो एफआईआर में दर्ज किया गया है वह निम्नानुसार है :-

मैं अपने मायके खरसिया जिला रायगढ़ में दिनांक 7.11.2023 से अपने माता-पिता के पास रह रही हूं। मेरी शादी सामाजिक रीति रिवाज से दिनांक 19.02 2009 को गुढ़ियारी रायपुर निवासी शिवेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ सन्नी के साथ संपन्न हुई थी। शादी में मेरे ससुराल वालों द्वारा 5,00,000 रूपये नगद एवं अन्य समान एवं आलीशान शादी बाराती स्वागत होना चाहिए बोले थे, जिस पर मेरे मायके के पक्ष द्वारा अपनी हैसियत मुताबिक 5,00,000 रूपये नगद सोना चांदी के जेवरात कपड़े वगैरह उपहार स्वरूप दिए थे। कि शादी के 2 माह बाद से मुझे पति व सास द्वारा छोटी-छोटी बातों पर व मायके से और रकम लाने रूपयों की मांग कर शारीरिक मानसिक प्रताड़ना देते रहे व पति द्वारा मेरा 40 तोला सोना बिना मेरी जानकारी के बेच दिया। पति व सास मुझे लगातार शादी के बाद से मुझे शारीरिक मानसिक प्रताड़ित रूप से करते रहे है। अभी दिनांक 5.11.2023 को रात्रि 9:30 बजे मुझे बहुत ज्यादा मारपीट किए जिस पर मैं अपने भाई को सूचना दी और महिला थाना रायपुर आकर रिपोर्ट की। मेरी चोट का डाक्टरी मुलाहिजा भी हुआ है, एवं काउंसलिंग कार्यवाही की गई। समझौता नहीं होने पर मैं अपने पति शिवेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ सन्नी एवं सास लता देवी ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही चाहती हूं। आवेदिका द्वारा पेश आवेदन नकल जैल है। श्रीमान/श्रीमती थाना प्रभारी महिला थाना, रायपुर (छ.ग.) विषय - पति एवं सास के द्वारा किये जा रहे मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराए जाने बाबत। महोदया, मैं मेघा ठाकुर, पिता- दीनदयाल सिंह ठाकुर, निवासी- गुढियारी, रायपुर (छ. ग.) की निवासी हूं। मेरी शादी 19 फरवरी सन 2009 को शिवेंद्र सिंह ठाकुर पिता- स्व संत सिंह ठाकुर के साथ हुआ था। मेरी शादी के बाद मुझे दो बच्चे है एक लड़की जिसका नाम- वैभवी ठाकुर उम- 12 है एवं पुत्र जिसका नाम वैदिक ठाकुर उम- लगभग 1 वर्ष है। शादी के बाद से ही मेरे पति और मेरी सास श्रीमती लता बाई द्वारा मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते आए हैं। जिसके चलते 2018 में मैं खरसिया जिला रायगढ़ स्थित मेरे मायके में रहने चली गई और डेढ़ साल तक अलग रहने और घरेलू मामलों को सुलझाने का प्रयास किया। जिसके बाद 2020 में आपसी रजामंदी से पुनः रायपुर स्थित अपने ससुराल रहने आ गई परंतु तनावपूर्ण स्थिति यथावत बनी रही। समाज के भय, अपने बच्चों के भविष्य एवं अपने दांपत्य जीवन को बचाने के लिए सदैव अपने घरेलू मामलों से उत्पन्न मानशिक एवं शाररिक त्रास को सहन करते रही। मेरे पति जोकि प्रतिदिन शराब पीकर घर आते हैं और छोटी छोटी बातों पर झगड़ा कर मेरे साथ मारपीट करते हैं जिसमें मेरी सास के द्वारा लगातार मामले को तूल देना अपने बेटे को बढ़ावा देना और प्रतिदिन झूठी बातों और घरेलू छोटी छोटी बातों को बेतुके आरोप लगाना और बेटे को मुझे मारने में उकसाने जैसे कृत्य करती रहती है। इनके द्वारा समय समय पर मेरे मायके फोन कर धमकाने, गाली गलौच करते आए हैं। मेरे पापा एक सामान्य व्यक्ति हैं जिन्होंने मेरे विवाह के समय ससुराल पक्ष के डिमांड पर अपनी हैसियत अनुसार 5.00 लाख नगद एवं सोने चांदी के जेवरात भेंट स्वरुप दिया था और विधि विधान से मेरी शादी करवाई। जिसके बावजूद सट्टे और शराबखोरी की लत के कारण मेरे पति द्वारा अत्यधिक कर्ज लेना और तकादा आने पर मेरे पिता को फोन कर पैसे मांगना, उन्हें धमकाना जैसे कृत्य लगातार किए जाते हैं। समय समय पर हैसियत अनुरुप मेरे पापा ने आर्थिक मदद भी की ताकि मेरा घर बसा रहे लेकिन उसके बावजूद मेरे पति बात-बात पर मुझे मारते हैं गंदी गालियां देते हैं। दिनांक 5 नवंबर 2023 की रात्रि भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई जिसके बाद मेरे पति के द्वारा मुझे मेरे बड़ी बेटी के सामने बेरहमी से मारा एवं जान से मारने की धमकी भी दी जिसके बाद भयभीत अवस्था में मैंने अपने भाई यश ठाकुर को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। वह देर रात मेरे घर पंहुचा और मेरे दाम्पत्य जीवन को बचाने के उद्देश्य से मेरे पति एवं ससुराल वालो को समझाइश देकर मामला शांत करवाया। रात में भी लोकलाज के डर से मैं वही रुकी। तत्पश्चात अगले दिन दिनांक 06/11/2023 की सुबह जब मैंने अपने पति एवं सास से रात की घटना को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया तब मेरे पति द्वारा मुझे गन्दी गन्दी गालिया देकर मुझे जलील किया एवं मुझे फिर से धक्का देकर मुझसे मार पीट करने का प्रयत्न किया। मैंने अपने आप को बचाने की कोशिश की एवं अपने पति की मारपीट से बचने के लिए अपने आप को कमरे में बंद कर लिया एवं मेरे पति के घर से बहार जाने के बाद मैं कमरे से बहार आई एवं अपने भाई यश ठाकुर को तुरंत फोन करके तुरंत आने को कहा। मेरे भाई मेरी भयभीत परिस्तिथि को देखते हुए एवं मेरी सुरक्षा हेतु मुझे एवं मेरे पुत्र को तुरंत अपने साथ अपने घर ले गया। इस दौरान मेरी बड़ी बेटी जोकि स्कूल गई हुई थी जिसके चलते वो मेरे साथ नहीं आ सकी। अब जब वो स्कूल से लौटी है उसके बाद से मेरे अथक प्रयास करने के बावजूद मेरी बेटी से मेरा कोई भी संपर्क नहीं होने दिया जा रहा है। मुझे इस बात का भी डर है की मेरी बेटी वहा अकेली है एवं मेरे पति के आक्रामक रवैया का दुष्प्रभाव उसपे भी पड़ेगा मैं निवेदन करती हूं की कृपया मेरी बेटी को मुझे संॉप जाने एवं दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई करने का कष्ट करेंगे। दिनांक 07/11/2023 आवेदिका मेघा ठाकुर  रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखी गई है।  पुलिस शिकायत के जाँच अधिकारी श्री JYOTI SINGH है

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