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दुर्ग-भिलाई समाचार

हिंदुत्व को प्राथमिकता देने वाले कांग्रेस के राजनीतिक प्रयोग का क्या होगा ?

छ.ग. कांग्रेस की रणनीति

हिंदुत्व को प्राथमिकता देने वाले कांग्रेस के  राजनीतिक प्रयोग का क्या होगा ?

प्रदेश कांग्रेस द्वारा, हिन्दूवादी संगठनों को जवाब , देवेन्द्र यादव के रूप में दिया जा रहा है क्या ?

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की धार्मिक आयोजक वाली छवि का लाभ, स्थानीय  कांग्रेस को मिलेगा क्या ?

भाजपा विचारधारा के साथ तालमेल बनाता ,  कांग्रेस विधायक आकर्षण का केंद्र नहीं है क्या ?

पूरब टाइम्स , भिलाई . छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव इस वर्षा के अंत  में होने हैं . कांग्रेस व भाजपा दोनों ने अपनी तैयारियां ज़ोर शोर से शुरू कर दी है लेकिन भिलाई क्षेत्र में  भाजपा का सबसे बड़ा मुद्दा हिंदू वोटों का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण इस समय फेल होता नज़र आ रहा है . इसका कारण , इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली युवा नेता व भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव द्वारा समय समय पर हिंदुत्व के धार्मिक आयोजन व हिंदु उत्सवों में ज़ोर शोर से हिस्सा लेना है . हर थोड़े दिनों में युवा विधायक धार्मिक कार्यक्रम में रमे दिखते हैं . वैसे प्रदेश के कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी राम वन गमन पथ, कौशल्या माता मंदिर , प्रभु राम की मूर्तियां स्थापित करवा , हिंदू वोटों को सहेजने में प्रयासरत दिखते हैं पर भिलाई नगर के हिंदूवादी भाजपा समर्थक संगठन विधायक देवेंद्र यादव द्वारा अपने को सच्चा हिंदू दिखाने के आचरण से सकते में हैं . अपनी सक्रियता व कार्यशैली से विधायक देवेंद्र यादव वैसे ही काफी पॉपुलर हैं पर उनका यह आचरण ,  प्रदेश कांग्रेस की प्रयोगवादी रणनीति का हिस्सा है या प्रदेश कांग्रेस को उनको हर हाल में विधायकी की उम्मीदवारी देने का टिकिट है क्योंकि भाजपा भी ऐसे नेता को कैच करने के लिये ताक में रहेगी . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

नए राजनीतिक समीकरण ने छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस में उल्लेखनीय स्थान बना लिया है 
.छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री ने नव स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य की अगुवाई की थी लेकिन जब कांग्रेस अपनी अंदरुनी गुटबाजी का शिकार हुई तो भाजपा को सत्ता हासिल करने का मौका मिला . जिसके बाद रमन सिंह की भाजपा सरकार ने लंबे समय तक छत्तीसगढ़ में राज किया . वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के दो गुट,  दो राजनैतिक पार्टियों के रूप में विभक्त हो गए .  छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने , अपने विभाजन के बाद जो नेता कांग्रेस में बचे रह गए , उन नेताओ के  लंबे संघर्ष के बाद वर्तमान कांग्रेस सरकार को प्रदेश में स्थापित किया. उल्लेखनीय है कि विगत विधानसभा चुनावों में भाजपा को अशोभनीय हार का कटु स्वाद चखा कर कांग्रेस ने भाजपा को विपक्ष में बैठा दिया क्योंकि लगातार तीन विधानसभा सत्र में विपक्ष में बैठने वाली कांग्रेस ने अपनी अंदरुनी गुटबाजी को नियंत्रित कर लिए था . अपनी अंदरुनी गुटबाजी को नियंत्रित करने में वर्षों लगाने वाली कांग्रेस पुनः गुटबाजी की बीमारी से ग्रसित नजर आ रही और इस बीमारी दुष्परिणाम को भांपने वाले गुट ने कांग्रेस के पारंपरिक धर्म निरपेक्ष छवि से हटकर नए राजनीतिक प्रयोग प्रारंभ किए हैं . उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के इस प्रयोग को भिलाई विधानसभा में जन सामान्य ने महत्व दिया है परन्तु कांग्रेस हाई कमान इस अभूतपूर्व पहल को कितना महत्व देगी यह तो आने वाला विधानसभा चुनाव में टिकट पाने वाले विधानसभा प्रत्यशियों की घोषणा के बाद स्पष्ट होगा .

विधायक देवेंद्र यादव द्वारा प्रायोजित धार्मिक कार्यक्रम हिंदूवादी भावनाओं के आकर्षण का केंद्र बन गया है
भिलाई के विधायक की धार्मिक आयोजन में सक्रियता से भाजपा को धक्का लग गया है लेकिन इससे भी ज्यादा झटका कांग्रेस के उन दावेदारों को लगा है जोकि भिलाई से दावेदारी करने के लिए तैयारी कर रहे हैं . वैसे भिलाई विधानसभा से दावेदारी करने वाले स्वाभाविक हकदार महापौर नीरज पाल इन दिनों लीज मामले में घिर गए है और एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू को भिलाई निगम का सफाई ठेके का मामला प्रश्नांकित किये हुए है, जिसके कारण ये दोनों विधायक दावेदार अभी तो दौड़ से बाहर नजर आ रहें है . लेकिन सीजू एंथोनी व अन्य दावेदार , दूसरी बार मजबूत विधायक प्रत्यशी दावेदार भिलाई के वर्तमान  विधायक देवेंद्र यादव द्वारा कराए जा रहे धार्मिक आयोजनों में मिलने वाली सफलता के कारण अपने दावेदारी का तर्क संगत आधार खोजने को मजबूर हो जायेंगे . यह भी देखने वाली बात होगी कि दुर्ग की राजनीति में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे नए प्रयोग के तौर पर हिंदुत्व का समावेश भाजपा को राजनीतिक चुनौती दे रहा है क्या ?
 

भिलाई और वैशालीनगर विधानसभा के हिंदुत्व मुद्दे पर भाजपा का एकाधिकार समाप्त हो रहा है 
विधायक देवेंद्र यादव ने भिलाई नगर और वैशाली नगर विधानसभा का राजनैतिक माहौल  भक्तिमय बना दिया है , जिसके कारण भाजपा को राजनीतिक गतिविधियों को दिशा नहीं मिल पा रहीं है . कांग्रेस के अन्य दावेदार भी विधायक देवेन्द्र यादव की सक्रियता के कारण अपनी राजनैतिक उपस्थिति दर्ज करने में मामले में अपना स्थान सुनिश्चित करवाने में विफल हो रहें हैं . कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और वैशाली नगर के पूर्व विधायक स्व. भजन सिंह निरंकारी के पार्षद पुत्र भी अपनी विधायक दावेदारी करने के तर्कसंगत राजनैतिक स्थान साबित करने में , अभी तक विफल नजर आ रहे है.  पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पाण्डेय के लिए अब तो वैशाली नगर की सीट ही सुरक्षित लगती है लेकिन जब तक कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव द्वारा किए जा रहे राजनीतिक प्रयोग में, हिंदुत्व के सक्रिय समावेश को जनता का साथ मिलता रहेगा तब तक इन क्षेत्रों के भाजपाई प्रतिद्वंदी  हैरानी में ही रहेंगे .
    

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