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ममता के बाद आज उद्धव से मिलेंगे केजरीवाल

केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे

दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आई है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी इसका विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस अध्यादेश के विरोध में विपक्षी दलों के समर्थन के लिए उनके नेताओं से मिल रहे हैं मंगलवार को उन्होंने बंगाल की CM ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। आज वे मुंबई में उद्धव ठाकरे से मिलेंगे। गुरुवार को NCP प्रमुख शरद पवार से उनकी मीटिंग है। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने केजरीवाल का समर्थन किया था। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा- संसद के मानसून सत्र में अगर केंद्र सरकार अध्यादेश पर बिल लाती है तो हम इसका विरोध करेंगे।

ममता बोलीं- हमें चिंता है, वे संविधान बदल सकते हैं
ममता बनर्जी ने मंगलवार को केजरीवाल से मुलाकात के बाद एक साथ मीडिया से बात की। ममता ने कहा- केंद्र सरकार को घमंड हो गया है। वे क्या सोचते हैं, क्या हम उनके बंधुआ मजदूर हैं, नौकर हैं। हमे तो इस बात की चिंता है कि कहीं वे देश का संविधान ही न बदल डालें। वे संविधान को ध्वस्त करना चाहते हैं। केवल सुप्रीम कोर्ट ही देश को बचा सकता है। 

22 मई को राहुल और खड़गे से मिले थे नीतीश कुमार
20 मई को केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अध्यादेश लाई थी। इसके बाद 21 मई को नीतीश कुमार ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। नीतीश ने केजरीवाल का समर्थन किया था। तब केजरीवाल ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार मानसून सत्र में इस अध्यादेश का बिल लाती है और सभी विपक्षी दल इसका विरोध करते हैं तो 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा खत्म हो जाएगी। केजरीवाल ने नीतीश कुमार से कहा था कि वे विपक्षी दलों से हमारा समर्थन करने को कहें। मैं भी देशभर में विपक्षी दलों से मुलाकात कर समर्थन मांगूंगा। इसके बाद ही 22 मई को नीतीश इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिले थे। इसके बाद कहा गया था कि कांग्रेस इस मुद्दे पर केजरीवाल सरकार का समर्थन करने पर सहमत है।

माकन बोले- आप का साथ देने की खबरें गलत
इधर, केजरीवाल के समर्थन को लेकर कांग्रेस दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ जहां पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल अध्यादेश के खिलाफ AAP को समर्थन देने की बात कर रहे हैं। वहीं दिल्ली में पार्टी के नेता अजय माकन समर्थन से इनकार किया है। मंगलवार को दिल्ली और पंजाब के कांग्रेस नेताओं ने बैठक की। इसमें प्रताप सिंह बाजवा, अजय माकन, संदीप दीक्षित समेत अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता अध्यादेश के विरोध के मुद्दे पर AAP सरकार को समर्थन देने के खिलाफ थे।

AAP का 11 जून को रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन
केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी 11 जून को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली कर शक्ति प्रदर्शन करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, महारैली में विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। गोपाल राय ने बताया कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने संविधान का मजाक बना दिया है यह महारैली इसके खिलाफ है।​​ सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को फैसला दिया कि दिल्ली में सरकारी अफसरों पर चुनी हुई सरकार का ही कंट्रोल रहेगा। 5 जजों की संविधान पीठ ने एक राय से कहा- पब्लिक ऑर्डर, पुलिस और जमीन को छोड़कर उप-राज्यपाल बाकी सभी मामलों में दिल्ली सरकार की सलाह और सहयोग से ही काम करेंगे। 

12 मई: केजरीवाल सरकार ने सर्विस सेक्रेटरी का ट्रांसफर किया, LG ने रोका
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के फैसले के एक दिन बाद ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्विस सेक्रेटरी आशीष मोरे को हटा दिया। दिल्ली सरकार का आरोप है कि LG ने इस फैसले पर रोक लगा दी है। LG सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसा कर रहे हैं। यह कोर्ट के आदेश की अवमानना है। हालांकि बाद में LG ने फाइल पास कर दी।

19 मई: केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 7 दिन बाद केंद्र सरकार ने 19 मई को दिल्ली सरकार के अधिकारों पर अध्यादेश जारी कर दिया। अध्यादेश के मुताबिक, दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आखिरी फैसला उपराज्यपाल यानी LG का होगा। इसमें मुख्यमंत्री का कोई अधिकार नहीं होगा। ​​​​​​संसद में अब 6 महीने के अंदर इससे जुड़ा कानून भी बनाया जाएगा। 

20 मई: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लगाई
दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर उपराज्यपाल और अरविंद केजरीवाल सरकार की लड़ाई फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। केंद्र सरकार 19 मई को अध्यादेश लाने के ठीक एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची। केंद्र ने संवैधानिक बेंच द्वारा दिए गए 11 मई के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को फिर से विचार करने की अपील की है।

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