नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि वे संसद में पंजाब के मुद्दे प्रभावी ढंग से नहीं उठा पाए। उन्होंने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद पार्टी के कुछ हलकों से उन पर सवाल उठाए जा रहे थे।
आधिकारिक रिकॉर्ड का हवाला
राघव चड्ढा ने बयान जारी कर कहा कि संसद की कार्यवाही देखने वाला हर व्यक्ति सच्चाई जानता है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया है और यह सब आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा है।
उन पर मुख्य आरोप था कि वे केंद्र सरकार से पंजाब के बकाया फंड के मुद्दे पर प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा पाए। इसके जवाब में उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे वर्ष 2024 में राज्यसभा के भीतर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल करते नजर आ रहे हैं।
इन मुद्दों को बताया प्रमुख
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आरडीएफ फंड का बकाया भुगतान, भूजल स्तर में गिरावट, किसानों की समस्याएं, पंजाब के साथ वित्तीय अन्याय, नशे की समस्या, सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर के विस्तार और ननकाना साहिब के लिए वीजा मुक्त यात्रा जैसे अहम विषयों को संसद में उठाया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता का विषय है और वे राज्य के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।


