पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें विधायक टिकट के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक दिन बाद सामने आई है, जहां टीएमसी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई और भारतीय जनता पार्टी को राज्य में पहली बार सरकार बनाने का मौका मिला।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए तिवारी ने कहा कि पार्टी के साथ उनका सफर अब खत्म हो गया है। उन्होंने दावा किया कि हावड़ा के शिबपुर से उन्हें टिकट इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि उन्होंने टीएमसी को पैसे देने से इनकार कर दिया था। 40 वर्षीय तिवारी बंगाल के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बनाए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।
तिवारी ने कहा कि देखिए, इस हार से मुझे ज़रा भी हैरानी नहीं हुई। ऐसा होना ही था जब पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त हो और किसी भी क्षेत्र में कोई विकास न हुआ हो। सिर्फ़ वही लोग टिकट खरीद सकते थे जो मोटी रकम दे सकते थे। इस बार कम से कम 70-72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब पाँच करोड़ रुपये दिए। मुझसे भी पूछा गया था, लेकिन मैंने देने से इनकार कर दिया। ज़रा देख लीजिए कि पैसे देने वालों में से कितने लोग चुनाव जीत पाए हैं।


