वो साल कुछ और था, ये साल कुछ और है’- यह पंक्तियां पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार पर सटीक बैठती हैं. इस बार बंगाल के रण में मोदी का ‘गंभीर’ अवतार हुआ है. पीएम मोदी गुरुवार तक बंगाल में कुल चार रैलियां कर चुके हैं. लेकिन इस बार के चुनाव में
व्यक्तिगत तंज छोड़ अब ‘सिस्टम की सर्जरी’ पर फोकस करने में लग हैं पीएम नरेंद्र मोदी.
सवाल उठता है कि जहां बंगाल चुनाव 2021 में पीएम मोदी की ‘दीदी ओ दीदी’ जैसे शब्द निकल रहे थे, तो वहीं इस बार के बंगाल चुनाव में पीएम मोदी ने अभी तक न दीदी शब्द का प्रयोग किया है और न ही ममता बनर्जी का नाम लिया है. इस बार पीएम मोदी ‘निर्मम सरकार’ का प्रयोग खूब कर रहे हैं. आखिर पीएम मोदी का अंदाज बदल गया है या फिर बीजेपी किसी रणनीति के तहत ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले से परहेज कर रही है.
2021 के बंगाल चुनाव में जहां पीएम मोदी का अंदाज आक्रामक और तंज से भरा था, वहीं 2026 के हल्दिया भाषण में वे एक स्टेट्समैन और समाधान देने वाले नेता के रूप में नजर आ रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का यह बदला हुआ अंदाज भाजपा की सोची-समझी रणनीति है, न कि कोई मजबूरी.


