Total Users- 1,198,951

spot_img

Total Users- 1,198,951

Sunday, April 12, 2026
spot_img

बहरीन ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन का आरोप लगाया

स्टेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव लगातार बढ़ते जा रहा है। खाड़ी देशों ने इस रणनीतिक मार्ग को खोलने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल का दरवाजा खटखटाया। बहरीन की अगुवाई में लाए गए इस प्रस्ताव में साफ तौर पर मांग की गई थी कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए जरूरत पड़ी तो सैन्य कारवाही की अनुमति दी जाए। लेकिन जैसे ही मामला वोटिंग की ओर बढ़ा दुनिया की बड़ी ताकतें आमने-सामने आ गई।

रूस, चीन और फ्रांस तीनों स्थाई सदस्यों ने इस प्रस्ताव के उस हिस्से पर सख्त आपत्ति जता दी जिसमें सभी आवश्यक साधनों यानी सैन्य बल के इस्तेमाल की बात कही गई थी। इन देशों का साफ कहना है कि इस तरह की भाषा सीधे टकराव को और भड़का सकती है और क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकती है। इस विरोध के चलते प्रस्ताव फिलहाल अटक गया है।

दरअसल यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब 28 फरवरी 2026 को ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच होर्मुज ट्रेड को बंद कर दिया। यह वो समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है। इसके बंद होते ही वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर सीधा असर पड़ा। तेल की कीमतें बढ़ी, शिपिंग महंगी हुई और बीमा लागत भी आसमान छूने लगी। खाड़ी देशों का तर्क है कि यह सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था से जुड़ा मामला है।

इसलिए बहरीन और उसके सहयोगी देशों ने प्रस्ताव में यह मांग रखी कि बहुराष्ट्रीय नौसैनिक बलों को इस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए कारवाई की खुली छूट दी जाए। लेकिन दूसरी तरफ मैक्रोन जैसे नेताओं का मानना है कि सैन्य विकल्प अवास्तविक है। उनका कहना है कि अगर इस तरह की कारवाई होती है तो ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसकी बैलस्टिक मिसाइलों का खतरा और बढ़ सकता है जिससे हालात और बिगड़ेंगे।

More Topics

जानें कैसे टमाटर को ताज़ा रखने के लिए सही स्टोरिंग करें

गर्मी के मौसम में खाने की चीज़ें जल्दी खराब...

आर्टेमिस ।। मिशन सफल : धरती पर सुरक्षित लौटे चारों अंतरिक्ष यात्री

नासा का आर्टेमिस ।। मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया...

इसे भी पढ़े