वॉशिंगटन/तेहरान, 6 अप्रैल 2026। ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के दो पायलटों को दुश्मन क्षेत्र के भीतर से सुरक्षित निकालने का दावा करते हुए अमेरिकी प्रशासन ने एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी है। इस अभियान को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य इतिहास का “अद्वितीय मिशन” बताया है।
जानकारी के अनुसार, विमान गिराए जाने के बाद एक पायलट को तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट पहाड़ी इलाके में छिपा रहा। ईरान की ओर से कथित तौर पर स्थानीय लोगों से उसे पकड़वाने की अपील की गई थी।
सीआईए की भ्रामक रणनीति
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे पायलट को खोजने के लिए सीआईए ने एक भ्रामक अभियान चलाया। इसमें यह संदेश फैलाया गया कि पायलट को पहले ही ढूंढ लिया गया है और उसे सुरक्षित बाहर ले जाया जा रहा है। इस रणनीति के जरिए उसकी वास्तविक लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली।
बताया गया कि अभियान के दौरान अमेरिकी विशेष बलों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर हमले और ट्रांसपोर्ट विमानों में तकनीकी खराबी की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ विमानों को मिशन के दौरान नष्ट किए जाने की भी खबर है।
ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह पहली बार है जब दुश्मन के इलाके के भीतर से अलग-अलग स्थानों से दो अमेरिकी पायलटों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा।
हालांकि, अभियान को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
ईरान का दावा
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसने बचाव अभियान में शामिल कुछ अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया। साथ ही, दक्षिण-पश्चिमी ईरान में हवाई हमलों में हताहतों की भी खबर दी गई है।
दोनों देशों के दावों के बीच वास्तविक घटनाक्रम को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस घटनाक्रम के संभावित कूटनीतिक और सैन्य प्रभावों पर टिकी है।


