Total Users- 1,201,324

spot_img

Total Users- 1,201,324

Tuesday, April 14, 2026
spot_img

मिथुन संक्रांति के दिन स्नान और दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं

जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को मिथुन संक्रांति कहा जाता है। यह संक्रांति हिंदू धर्म में एक पवित्र अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर के दान करते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान और दान से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में चल रहे ग्रह दोष भी शांत होते हैं। विशेषकर सूर्य और अन्य ग्रहों की स्थिति से जुड़े दोषों के निवारण के लिए यह दिन शुभ माना जाता है।
इस वर्ष मिथुन संक्रांति के दिन 2 घंटे 20 मिनट का महा पुण्य काल रहेगा। यह समय अत्यंत पावन और फलदायी होता है, और इसमें स्नान, दान व जप आदि धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायक माना गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश महा पुण्य काल में यह कर्म न कर पाए, तो वह पुण्य काल के दौरान भी इन शुभ कार्यों को कर सकता है। यह दिन अध्यात्म और धर्म के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसका सदुपयोग अवश्य करना चाहिए।

मिथुन संक्रांति 2025 की तिथि: मिथुन संक्रांति: 15 जून 2025, रविवार 15 जून 2025 को अष्टमी तिथि समाप्त होकर नवमी तिथि प्रारंभ होगी। समय: सुबह 6:53 बजे संक्रांति नाम: घोर संक्रांति सौर कैलेंडर: 15 जून से मिथुन मास (तीसरा माह) प्रारंभ होगा। मिथुन संक्रांति 2025 महा पुण्य काल: 15 जून 2025 को मिथुन संक्रांति का महा पुण्य काल लगभग 2 घंटे 20 मिनट का रहेगा। यह शुभ समय सुबह 6:53 बजे शुरू होकर सुबह 9:12 बजे समाप्त होगा। इस दौरान स्नान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, इसलिए इस समय का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

मिथुन संक्रांति 2025 पुण्य काल और स्नान-दान का समय: मिथुन संक्रांति का कुल पुण्य काल लगभग 7 घंटे 27 मिनट तक रहेगा, जो सुबह 6:53 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:20 बजे तक चलेगा। इस समय में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। खासकर सुबह 6:53 बजे से 9:12 बजे तक का समय स्नान और दान के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दौरान अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करें और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं।

मिथुन संक्रांति पर क्या दान करें?

मिथुन संक्रांति के दिन सूर्य देव से जुड़े वस्तुओं का दान करना विशेष फलदायक होता है। इस अवसर पर आप गेहूं, तिल, गुड़, लाल वस्त्र, लाल रंग के फल और लाल चंदन का दान कर सकते हैं। सा करने से आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और सूर्य दोष कम होता है। साथ ही, स्नान और दान से पाप भी नष्ट होते हैं। मिथुन संक्रांति के दिन कपड़ों का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।

मिथुन संक्रांति 2025 का विशेष योग और नक्षत्र: इस बार की मिथुन संक्रांति पर इंद्र योग रहेगा जो सुबह से दोपहर 12:20 तक प्रभावी होगा, उसके बाद वैधृति योग बना रहेगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र सुबह से लेकर रात 1 बजे तक रहेगा। मिथुन संक्रांति के दिन भगवान सूर्य देव बाघ पर विराजमान होंगे और पीले वस्त्र पहनेंगे। वे पूर्व दिशा की ओर नैऋत्य दृष्टि से यात्रा करेंगे। इस दिन सूर्य देव को चांदी के पात्र में पायस का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

More Topics

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 14 अप्रैल को उत्तर...

बलूचिस्तान के नोश्की में नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध

भारी चौकियों के साथ प्रवेश और निकास मार्गों को...

इसे भी पढ़े