Total Users- 1,160,092

spot_img

Total Users- 1,160,092

Tuesday, February 17, 2026
spot_img

3 सितंबर को महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों का हल्ला बोल प्रदर्शन, वजन त्योहार का बहिष्कार

30 सालों से वेतन विसंगति को दूर करने का इंतजार करते हुए बहुत से सुपरवाइजर सेवानिवृत्त हो गए। कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान कई बार सरकार बदल चुकी है, लेकिन महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत सुपरवाइजरो का वेतन विसंगति का मामला अभी तक हल नहीं हुआ है। प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को एक महीने में ‘महतारी वंदन योजना’ से लाभ मिलने वाली संघर्षशील महिलाएं अब न्याय की मांग कर रही हैं।

तीन सितंबर को प्रदर्शन करेंगे: ऋतु परिहार, सुपरवाइजर संघ की प्रदेश अध्यक्ष, ने कहा कि “1866 पर्यवेक्षक है जो समानता का हक दूसरों को दिलाते हुए स्वयं शोषित हैं।” पर्यवेक्षक एक तृतीय श्रेणी अधिकारी है। यह पद सभी विभागों में 4200 ग्रेड पे पर लेवल 8 पर है। लेकिन महिला बाल विकास में 2400 ग्रेड पे पर लेवल 6 पर है। उन्हें सिर्फ महिला होने के कारण किसी ने उनका सम्मान और हित नहीं सोचा। इनका वेतन पांचवें वेतनमान से नहीं मिला, न सुधार हुआ।”

सीएम और मंत्री से सहायता मांग चुकी है: विभाग ने पर्यवेक्षकों के संघ के अथक प्रयासों से फाइल भेजी है। लेकिन आज तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। महिला पर्यवेक्षकों ने राखी के अवसर पर विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राखी बांधकर वेतन असमानता दूर करने का उपहार मांगा। लेकिन इस बार भी सरकार ने वेतन विसंगति को नहीं दूर किया, जिसके विरोध में 3 सितंबर को तूता नवा रायपुर में प्रदेश स्तरीय हल्ला बोल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

More Topics

हरियाणा में 12 लोगों की मौत, क्या दूषित पानी बन रहा है काल?

हरियाणा के पलवल जिले के चायंसा में 15 दिनों...

केंदा व्यपवर्तन और सल्का नवागांव उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 7.15 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़-शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के...

राज्यपाल के गोद ग्राम टेमरी के ग्रामीणों ने किया लोकभवन का भ्रमण

राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों...

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

-अलका चंद्राकर और वैशाली रायकवार की प्रस्तुतियों ने देर...

इसे भी पढ़े