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Tuesday, March 17, 2026
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3 बार मरकर जिंदा हुआ शख्स! बोला- कांच के शहर जैसा दिखता है स्वर्ग सुनाई शॉकिंग स्टोरी

74 साल के अमेरिकी उद्योगपति डैनियन ब्रिंक्ले का दावा है कि वह तीन बार मौत के करीब पहुंचकर लौटे हैं. उन्होंने अपने अनुभवों के बारे में एक किताब लिखी है, जिसमें बताया है कि आखिर मृत्यु के बाद क्या होता है.मृत्यु के बाद की ‘दुनिया’ सदियों से इंसानों के लिए एक जिज्ञासा का विषय रही है. क्योंकि, विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों में मौत के बाद के जीवन को लेकर कई मान्यताएं (जैसे स्वर्ग, नरक) हैं. हालांकि, विज्ञान इससे इत्तेफाक नहीं रखता. वैज्ञानिकों का मानना है कि मरने के बाद मस्तिष्क की गतिविधियां समाप्त हो जाती हैं. लेकिन दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्होंने मृत्यु के करीब पहुंचकर वापस आने के बाद अजीब अनुभवों का दावा किया है, जिसमें स्वर्ग देखने से लेकर मृत प्रियजनों से मुलाकात करना शामिल है. ऐसे ही एक व्यक्ति की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है, जिसका दावा है कि वह एक बार नहीं बल्कि तीन बार ‘मरकर’ जिंदा हुआ है.

74 वर्षीय अमेरिकी उद्योगपति डैनियन ब्रिंक्ले (Dannion Brinkley) का दावा है कि वह तीन बार मौत के करीब पहुंचकर वापस लौटे हैं. डैनियन ने अपने अनुभवों (Near Death Experience) के बारे में बाकायदा एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर मृत्यु के बाद क्या होता है.

डैनियल ने KLAS को बताया कि उन्हें अब मौत से डर नहीं लगता है, क्योंकि वह 3 बार ‘मरकर’ जिंदा हुए हैं. 1975 की बात है, जब उनके ऊपर आसमानी बिजली गिरी और वे गंभीर रूप से झुलस गए. उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें डेड घोषित कर दिया. हालांकि, 30 मिनट तक मॉर्चुरी में रहने के बाद उनकी सांसें लौट आईं.

दूसरी बार, 1989 में जब उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई, तब भी डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. लेकिन कुछ ही सेकंड्स के बाद उनका दिल फिर से धड़कने लगा. तीसरी बार ब्रेन सर्जरी के दौरान उनकी कुछ समय के लिए ‘मौत’ हुई और वे फिर जीवित हो गए.

मरने के बाद क्या होता है?

डैनियन की मानें, तो जब पहली बार वह मौत के करीब पहुंचे, तो वह एक अंधी सुरंग से होते हुए रौशन जगह पर पहुंचे, जहां उन्हें अपने जीवन की पूरी घटनाओं का एक फ्लैशबैक दिखाया गया, फिर वापस भेज दिया गया. दूसरी बार वे कांच के एक शहर में पहुंचे, जिसे लोग ‘स्वर्ग’ के नाम से पहचानते हैं. उनका कहना है कि यहां उनकी मुलाकात कुछ फरिश्तों से हुई, जिन्होंने उन्हें बताया कि मानसिक ताकत का इस्तेमाल कैसे किया जाए.


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