• 27-02-2024 06:07:29
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आयुष्मान योजना में मरीज का होना था मुफ्त इलाज; मौत का भय दिखा किया सौदा

हरियाणा के सोनीपत में आयुष्मान योजना में इलाज कराने के लिए आए एक गरीब व्यक्ति को एमडी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने मौत का भय दिखाकर 26 हजार रुपए ले लिए। डॉक्टर मुकेश जून के रुपए लेते हुए का वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि आयुष्मान कार्ड धारकों का एक साल में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त है। हेल्थ विभाग की नोडल अधिकारी ने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

पीएम मोदी की योजना को पलीता

पीएम नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज सुविधा देने के लिए आयुष्मान योजना लागू की है। सोनीपत में इस योजना में गरीबों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। इसको लेकर एक अस्पताल में हार्ट का इलाज कराने आए मरीज के परिजनों से एमडी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर मुकेश जून द्वारा खुलेआम 26 हजार रुपए लिए गए हैं। इसके लिए मरीज के परिजनों को मरीज की मौत का भय दिखाकर डराया गया।

दो छल्ले डालने के 52 हजार मांगे

वायरल वीडियो व ऑडियो में डॉ मुकेश जून मरीज के परिजनों को कह रहा है कि 95% ब्लॉकेज है। आयुष्मान में खर्चा जीरो है, लेकिन अच्छा करवाना है तो खून पतला करने के इंजेक्शन और दूसरे अच्छे छल्ले डलवाने हैं, तो कुछ खर्चा करना पड़ेगा। आयुष्मान के अंतर्गत हॉस्पिटल को 75 हजार रुपए मिलते हैं। अच्छे छल्ले डालने के लिए अपने लेवल पर कुछ करना पड़ेगा। डॉक्टर ने कहा दो छल्लों के 50 से 52000 रुपए लगेंगे।

20 हजार रुपए में नहीं हुआ राजी

इसके बाद गरीब मरीज के परिजनों ने 20 हजार रुपए देने की बात कही तो डॉक्टर ने मना कर दिया, लेकिन डॉक्टर 26 हजार रुपए में ऑपरेशन करने की बात कर रहा है। उसने कहा कि हॉस्पिटल कुछ नहीं करना चाहता, मैं अपने लेवल पर ही कर रहा हूं। इसी दौरान वीडियो में 26 हजार रुपए लेते हुए डॉक्टर नजर आ रहे हैं। डॉक्टर ने यह भी कहा कि ऑपरेशन कितना जरूरी है, तुम्हें पता नहीं होता, अगर समय पर नहीं कराया तो बाद में रोओगे कि पहले ही करा देते तो ठीक रहता। यानी कि पैसे ऐंठने के लिए डॉक्टर की ओर से कई बार मरीज की मौत का डर दिखाया गया। वही डॉक्टर ने खून पतला करने के लिए एक इंजेक्शन 10000 रुपए का बताया, 2 इंजेक्शन के 20 हजार रुपए कम करके 12 हजार रुपए देने की बात कही। वीडियो में डॉक्टर को रुपए देते हुए नजर आ रहे सोनीपत के एक गांव के युवक ने कहा कि उनके पिताजी को हार्ट अटैक आया था। वे इस दौरान उनको एक निजी हॉस्पिटल में लेकर गए। जहां पर हॉस्पिटल में डॉक्टर की उपस्थिति ना होने की बात कही। वही पीड़ित को नंबर देकर सीधे बात करने को कहा गया। डॉक्टर ने एक अन्य निजी हॉस्पिटल में मरीज को लेकर आने की बात कही।

डॉक्टर बोला- आयुष्मान में घटिया स्तर का इलाज

डॉक्टर ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत छल्ले डालने की बात कही, लेकिन यह कहा कि उनकी क्वालिटी काफी घटिया स्तर की होगी। जिससे दोबारा अटैक आ सकता है और उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि वे छल्ले यानी स्टेंट 1 दिन चले या 4 साल चलें। परिजनों को डाक्टर ने यह भी कहा कि अगर कहोगे तो आयुष्मान से अच्छे स्टेंट डाल देंगे, लेकिन उसका अलग से खर्चा लगेगा। जिसका खर्चा 50 हजार बताया गया।

इंजेक्शन के 12 हजार अलग से मांगे

उसने डॉक्टर को गरीबी का हवाला दिया तो 26 हजार में सौदा हुआ। वही डॉक्टर ने खून को पतला करने के लिए अलग से 20 हजार रुपए की भी बात कही तो पीड़ित परिवार ने असहमति जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास केवल 12 हजार रुपए हैं। बाद में डाक्टर 12 हजार में ही राजी हो जाता है।

 

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