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जोशीमठ के बाद बद्रीनाथ में जमीन एक फीट तक धंसी

उत्तराखंड में जमीन धंसने की आफत थम नहीं रही है। जोशीमठ में दरारों के बाद अब 45 किमी दूर बद्रीनाथ में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। यहां मेन मार्केट में जमीन धंसने की वजह से कुछ दुकानों को हटाया गया है। कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को रोका गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बद्रीनाथ में 424 करोड़ रुपए के मास्टरप्लान के तहत पुरानी इमारतों की तोड़फोड़ की वजह से करीब एक फीट तक जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। दरअसल, मास्टरप्लान के तहत अलकनंदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम चल रहा है। लोगों का आरोप है कि नदी तट पर सुरक्षा दीवार के निर्माण में देरी के कारण कंपन से जमीन धंस हो रहा है। इस बीच, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चेयरमैन अजेंद्र अजय के अनुसार आपदा प्रबंधन टीम ने मुआयना किया है। चारधाम यात्रा पर कोई खतरा नहीं है। यह क्षेत्र यात्रा मार्ग पर नहीं है। 17,271 तीर्थयात्रियों ने मंगलवार को बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए जोशीमठ के सभी 9 वार्ड के 868 घरों में दरारें आ गईं थी। डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने इनमें से चार वार्ड के 181 घरों को असुरक्षित घोषित किया था।जोशीमठ के सभी 9 वार्ड के 868 घरों में दरारें आ गईं थी। डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने इनमें से चार वार्ड के 181 घरों को असुरक्षित घोषित किया था।

पंचभैया मोहल्ले का मुख्य बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित
बद्रीनाथ में पंचभैया मोहल्ले का मुख्य बाजार भूधंसाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां आवाजाही रोकी गई है। नारायणपुरी के बाजार से भी कुछ दुकानों को हटाया गया है। बामणी गांव के पैदल मार्ग में भी हल्की दरारें उभर आई हैं। चमोली के कलेक्टर हिमांशु खुराना ने निरीक्षण किया। बद्रीनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता का आरोप है कि बद्रीनाथ मास्टरप्लान के तहत तोड़फोड़ के कारण धंसाव हुआ है।

सुरक्षा दीवार बने, वरना यह बढ़ेगा
वरिष्ठ भूगर्भ वैज्ञानिक प्रो. एसपी सती का कहना है कि मास्टरप्लान के तहत जगह-जगह खुदाई की गई है। इससे बने बड़े गड्‌ढों से होने वाला पानी का रिसाव जमीन धंसने का कारण बन रहा है। इसे रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार का निर्माण जल्द हो, वरना यह बढ़ेगा।

नैनीताल में भी जमीन धंसने के नए मामले
नैनीताल की मॉल रोड, टिफिन टॉप और नैना पीक में भी जमीन धंसने के नए मामले सामने आए हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार के अनुसार धंसने वाले इलाकों में केंद्र और राज्य सरकार ने सर्वे शुरू किया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्लान बनेगा। नैनीताल की आबादी पर भी खतरा है। जमीन धंसने से हाई कोर्ट की इमारत को नुकसान की आशंका है।

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