• 28-02-2024 18:41:50
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वैज्ञानिकों ने पहली बार ग्रह को निगलते तारे को देखा

वैज्ञानिकों ने पहली बार ब्रह्मांड के किसी ऐसे मूवमेंट को रिकॉर्ड किया है जिसमें एक मरते हुए तारे ने एक ग्रह को निगल लिया। तारे का साइज सूरज के बराबर बताया गया है। जबकि ग्रह बृहस्पति जितना बड़ा गैस का गोला था। CNN के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों की टीम ने देखा। टीम ने बताया है कि ये देखने में काफी डरावना लगता है। इसके बावजूद इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल करना अहम था। वैज्ञानिकों की टीम के मुताबिक एक दिन सूरज भी हमारी पृथ्वी और इसके आगे के तीन ग्रहों को ऐसे ही निगल जाएगा।

5 अरब साल बाद सूरज पृथ्वी को ऐसे ही निगल जाएगा
वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्होंने पहले कभी तारों को ऐसा करते हुए नहीं देखा था। MIT में इस मामले पर रिसर्च करने वाली किशले डे ने CNN को बताया कि ये हम काफी पहले से पढ़ते आए हैं कि सूरज एक दिन हमारे सौर मंडल को अपने अंदर समा लेगा। उन्होंने बताया कि ऐसा 5 अरब सालों बाद ही होगा। उस वक्त धरती एक पल में खत्म हो जाएगी। इसका एक उदाहरण अब हमारे सामने है। वैज्ञानिकों के मुताबिक तारे के ग्रह को निगलने की घटना 2020 में पृथ्वी से 12 हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक्विला नाम के तारामंडल में हुई थी। इस शोध को करने वालों को यह प्रक्रिया समझने में 3 साल लग गए। ग्रह को खाने वाला तारा भी हमारे सूरज की तरह ही 10 अरब साल पुराना था। सोलर सिस्टम के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की स्टडी के लिए लॉन्च होने वाला मिशन आखिरी मिनट पर टल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 'जूस' नाम के इस मिशन को खराब मौसम की वजह से टाला गया है। भारतीय समय अनुसार इसे 5 बजकर 44 मिनट पर साउथ अमेरिका के फ्रेंच गुयाना से टेक ऑफ करना था।  नासा ने मस्क की कंपनी के साथ इस मिशन के लिए 23 हजार करोड़ और 9 हजार करोड़ रुपए के दो कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं। इसे दुनिया में एक बार फिर चांद को फतह करने की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

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