• 01-03-2024 03:31:15
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रियल एस्टेट क्षेत्र में कार्यालय स्थलों में सबसे ज्यादा होंगे निवेश

नई दिल्लीः रियल एस्टेट क्षेत्र को पिछले पांच साल में 32 अरब डॉलर की इक्विटी पूंजी प्राप्त हुई है और अगले दो वर्ष में भी उसे 12'3 अरब डॉलर का निवेश और मिलने की उम्मीद है। रियल एस्टेट सलाहकार फर्म सीबीआरई ने यह अनुमान जताया है। सीबीआरई ने एक रिपोर्ट में कहा कि 2023 और 2024 में रियल एस्टेट क्षेत्र में सबसे ज्यादा निवेश कार्यालय स्थलों को मिलने की संभावना है। कुल संस्थागत निवेश में कार्यालय स्थल के बाद औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र और जमीन एवं भूखंड को मिल सकता है। इनके अलावा डेटा केंद्रों को भी बड़ा निवेश मिलने की उम्मीद है। 

इक्विटी निवेश के तहत निजी इक्विटी कोष, पेंशन कोष, सॉवरेन संपदा कोष, संस्थागत निवेशक, रियल एस्टेट डेवलपर, निवेश बैंक, कॉरपोरेट समूह और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट्स) आते हैं। सीबीआरई ने कहा है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में इक्विटी प्रवाह का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है और अगले दो साल में करीब 12'3 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है। वर्ष 2024 तक रियल एस्टेट क्षेत्र में सालाना औसतन 6-7 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश आने की उम्मीद है। 

सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘‘कई वैश्विक कंपनियों के चीन से इतर भी उत्पादन आधार बनाने की रणनीति का फायदा भारत को मिलने की संभावना है। इससे रियल एस्टेट में निवेश बढ़ने की स्थिति बनती दिख रही है।'' रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र में इक्विटी निवेश 2018 में 5.9 अरब डॉलर रहा था जो 2019 में 6.4 अरब डॉलर हो गया था। वर्ष 2020 में यह छह अरब डॉलर, 2021 में 5.9 अरब डॉलर और 2022 में 7.8 अरब डॉलर रहा था। 

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