• 23-02-2024 22:06:20
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एक ऐसा सीलबंद लिफाफा जो मचा सकता है सियासी हलचल

रांची | झारखंड के दसवें राज्यपाल रमेश बैस भले महाराष्ट्र के लिए विदा हो गए हों, लेकिन वे राजभवन में एक ऐसा बंद लिफाफा छोड़ गए हैं जो राज्य की सियासत में कभी भी हलचल पैदा कर सकता है। यह लिफाफा पिछले साल 25 अगस्त को केंद्रीय चुनाव आयोग से राजभवन में पहुंचा था। दरअसल इस लिफाफे के अंदर जो चिट्ठी है, उसके आधार पर यह तय हो सकता है कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खारिज हो जाएगी या बनी रहेगी।

रमेश बैस ने चुनाव आयोग की इस चिट्ठी को बंद लिफाफे से बाहर नहीं आने दिया और इसके चलते हेमंत सोरेन सरकार कई महीनों तक अनिश्चितताओं के भंवर में फंसी रही। अब झारखंड से जाते-जाते उन्होंने कहा कि आने वाले राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन चाहें तो चुनाव के आई चिट्ठी के आधार पर फैसला कर सकते हैं। उन्होंने इसपर फैसला इसलिए नहीं किया कि क्योंकि इससे राज्य की सरकार अस्थिर हो सकती थी। जाहिर है, जब तक चिट्ठी का रहस्य नहीं खुलता तब तक हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर खतरे की तलवार लटकी रहेगी।

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