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सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने के दिए निर्देश

अगर आपने भी नोएडा या ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली बिल्डर्स के आठ प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदा है तो आपके लिए राहत की खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनबीसीसी) को आम्रपाली समूह के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फंसे आठ प्रोजेक्ट का निर्माण जल्द पूरा करने के आदेश दिए हैं.

इसके साथ ही NBCC को उन फ्लैट का पजेशन भी जल्द से जल्द देने का आदेश जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद नोएडा के उन 42,000 निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं, जो अपने सपनों का घर हासिल करने के लिए कई साल से सड़क से संसद तक का चक्कर लगा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस उदय ललित की खंडपीठ ने NBCC से कहा है कि वो आम्रपाली के जोडिएक, सफायर' और 2, सिलिकॉन सिटी' और 2, प्रिसली इस्टेट, ओ2 वैली और सेंचुरियन पार्क का अधूरा निर्माण जल्द पूरा करे.आम्रपाली के इन प्रोजेक्ट में कुल 11,258 घर खरीदारों के फ्लैट फंसे पड़े हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने सुरेखा परिवार को भी लताड़ लगाई है.

सुरेखा परिवार ने पहले सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वो आम्रपाली के कुछ प्रोजेक्ट खरीदना चाहती है. इसके लिए कोर्ट ने सुरेखा परिवार को 167 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था, लेकिन तय तारीख तक उसने यह पैसा जमा नहीं कराया.
सुप्रीम कोर्ट ने सुरेखा परिवार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने रकम जल्द जमा नहीं की तो उसके परिवार के तीन सदस्यों को जेल भेज दिया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट अब 13 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान स्ट्रेस फंड को लेकर भी चर्चा की गई. कयास लगाए जा रहे हैं कि अगली सुनवाई के दौरान आम्रपाली को फंड मिल सकता है, जिससे उसकी बाधाएं दूर होने में मदद मिलेगी. नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कई अधूरे रियल्टी प्रोजेक्‍ट का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है. सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में सुनवाई भी कर रहा है. वास्तव में दिल्ली-एनसीआर में फ्लैट खरीदार लगातार बिल्‍डर पर आरोप लगा रहे हैं कि बिल्‍डर उनसे पैसे तो ले ले रहे हैं, मगर उनके फ्लैट समय पर तैयार करके नहीं दे रहे हैं. कई बिल्‍डर पर तो धोखाधड़ी तक का आरोप लग चुका है. इन सबके बीच सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कई घर खरीदार को राहत मिलने की संभावना है.
 

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