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बतौर किराएदार क्या है आपका अधिकार, रेंट एग्रीमेंट के इन नियमों को जानना जरूरी

नई दिल्ली : अगर आप दूसरे शहर में नौकरी करते हैं तो आपको वहां रहने के लिए घर लेना होगा. यदि आप किराए पर घर ले रहे हैं तो आपके लिए सबसे जरूरी दस्तावेज रेंट एग्रीमेंट होता है. रेंट एग्रीमेंट में कई ऐसे क्लॉज होते हैं जो आपके लिए बतौर किराएदार बेहद जरूरी होते हैं. इसलिए रेंट एग्रीमेंट में 11 क्लॉज जरूर एड किए जाएं यह आपको पक्का करना होगा और यह बतौर किराएदार आपका अधिकार है.

किराया राशि पर ध्यान दें
रेंट कंट्रोल एक्ट 1948 के अनुसार किराएदार और मकान मालिक के बीच किराए, सिक्यूरिटी मनी समेत अन्य क्लॉज को साफ कर दिया गया है. इसके अलावा किराएदार के प्रति मकान मालिक के व्यवहार और आचरण को भी क्लॉज में शामिल किया गया है. यहां सबसे जरूरी है रेंट एग्रीमेंट. इसमें लिखी गई बातों पर ध्यान देना जरूरी है. ज्यादातर मकान मालिक टैक्स आदि से बचने के लिए किराया राशि सही नहीं दर्ज कराते हैं. इसको लेकर किराएदार को सतर्क रहना चाहिए. आपको सावधान रहने की जरूरत है.

सिक्योरिटी मनी रिफंड
रेंट एक्ट के अनुसार रेंट एग्रीमेंट में घर खाली करने संबंधी बिंदुओं को भी जोड़ लेना चाहिए. ज्यादातर मामलों में जब किराएदार घर खाली करते हैं तो मकान मालिक सिक्योरिटी मनी के रूप में पहले ली गई राशि वापस करने में आनाकानी करते हैं. कुछ मकान मालिक प्रॉपर्टी के नुकसान या घर में किसी बदलाव करने के झूठे आरोप लगाकर सिक्योरिटी मनी वापस नहीं करते हैं.

मकान खाली करने संबंधी नियम
नियमों के अनुसार कोई भी मकान मालिक जबरदस्ती किसी भी किराएदार से घर खाली नहीं करा सकता है. लेकिन यदि, किराएदार ने दो महीने से किराया नहीं दिया है या घर को व्यावसायिक कार्यों को लिए इस्तेमाल किया जाता है तो किराएदार से मकान मालिक घर खाली करा सकता है. हालांकि, इस स्थिति में भी मकान मालिक के लिए यह जरूरी है कि वह किराएदार को घर खाली करने के लिए कम से कम 15 दिन का नोटिस दे.

पॉवर, वॉटर आदि बिंदु
किराएदार को घर में जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मकान मालिक की होती है. जैसे कि इलेक्ट्रीसिटी, वॉटर सप्लाई, सैनीटेशन, पार्किंग आदि. मकान मालिक कभी भी इन सेवाओं को उपलब्ध कराने से मना नहीं कर सकता है. लेकिन, रेंट एग्रीमेंट में इन सब बातों का जिक्र किया जाना अनिवार्य है और यह किराएदार का हक है.

रेंट एग्रीमेंट में इन बातों का जिक्र अनिवार्य
घर के सरकारी टैक्स और अन्य देनदारियों का भुगतान पर साफ स्थिति रखें.
रेंट पेमेंट करने की टाइमलाइन जरूर तय करें.
घर के मेंटेनेंस और एडवांस पैसे जमा करने की शर्तों को लिखापढ़ी में रखें.
घर किराए पर लेते समय किराए की सीमा जरूर तय कर लें.
किराएदार की मृत्यु के बाद उसके बच्चों को घर से नहीं निकाला जाए इसपर क्लियर होना चाहिए.
हर किराएदार के लिए प्राइवेसी का अधिकार है. इसलिए मकान मालिक से इस पर भी क्लियर बात रखें.
 

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