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2022 में देश के सात प्रमुख शहरों में लोगों की घर खरीदने की क्षमता घटी : जेएलएल इंडिया

देश के सात प्रमुख शहरों में इस साल आवास ऋण दरों में वृद्धि तथा संपत्तियां महंगी होने से लोगों की घर खरीदने की क्षमता प्रभावित हुई है। संपत्ति सलाहकार जेएलएल इंडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। जेएलएल के अनुसार, मुंबई को छोड़कर अन्य शहरों में ‘किफायत सूचकांक' संतोषजनक स्थिति में रहा। वहीं कोलकाता, पुणे और हैदराबाद के देश के सबसे सस्ते आवास बाजार बने रहने का अनुमान है। 

जेएलएल ने सोमवार को अपना ‘घर खरीदने की क्षमता का सूचकांक' (एचपीएआई) पेश किया है। यह सूचकांक बताता है कि क्या कुल शहर के स्तर पर किसी परिवार की आमदनी (औसत वार्षिक आय) मौजूदा बाजार मूल्य पर आवासीय संपत्ति खरीदने के लिए ‘पात्र' है। 

रिपोर्ट के अनुसार, सूची में कोलकाता 193 अंक के अनुमानित मूल्य के साथ शीर्ष सात शहरों में सबसे किफायती आवासीय बाजार है। इसके बाद पुणे 183, हैदराबाद 174, बेंगलुरु 168, चेन्नई 162, दिल्ली 125 और मुंबई का 92 अंक के साथ आखिरी में स्थान है। पिछले साल कोलकाता में एचपीएआई मूल्य 212 अंक, हैदराबाद का 196, पुणे का 195, बेंगलुरु का 185, चेन्नई का 181, एनसीआर का 140 और मुंबई का 100 अंक रहा था। सलाहकार कंपनी ने बताया कि 2022 में आवासीय खरीद क्षमता थोड़ी घटी है क्योंकि मुद्रास्फीति के दबाव ने निर्माण लागत को बढ़ाया है जिससे खरीदारी प्रभावित हुई। वहीं रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में वृद्धि के चलते भी आवास कर्ज महंगा हुआ है। 

जेएलएल ने कहा कि 2013 और 2021 के बीच सभी भारतीय शहरों में घर खरीदने की क्षमता में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। यह घर खरीदने के लिए बेहतर समय रहा। जेएलएल इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री और शोध प्रमुख सामंतक दास ने कहा, ‘‘2021 के दूसरी छमाही तक आर्थिक गतिविधियों की बहाली ने घरेलू आय में सुधार को बढ़ावा दिया, जबकि खरीदार गतिविधि में सुधार ने भी कीमतों में मामूली वृद्धि का समर्थन किया।'' 
 

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